Raipur. रायपुर। आज इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र, पाइपलाइन परिसर लखौली, आरंग, जिला रायपुर में आपदा प्रबंधन से संबंधित मॉक अभ्यास (मॉकड्रिल) का सफल आयोजन किया गया। यह मॉकड्रिल जिला प्रशासन, अपर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण, जिला सेनानी, अग्निशमन अधिकारी नगर सेना माना कैम्प और एनडीआरएफ भिलाई, जिला दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित औद्योगिक आपदा या आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और बचाव कार्यों की प्रभावी कार्यप्रणाली का परीक्षण करना था। मॉकड्रिल से पूर्व दिनांक 10 मार्च 2026 को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ टेबल टॉप मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें संभावित आपदा की स्थिति में विभागों की भूमिका, दायित्व और समन्वय तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई।
आज आयोजित मॉक अभ्यास में आईओसीएल परिसर में स्थित डीजल/पेट्रोल टैंक में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आईओसीएल सुरक्षा कर्मियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर सेना तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और घायलों को प्राथमिक उपचार देने का सफल प्रदर्शन किया। फायर फाइटिंग, प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल तक सुरक्षित पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया का डेमो भी शामिल था। मॉकड्रिल के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को यह जानकारी दी गई कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में विभिन्न विभाग किस प्रकार त्वरित रिस्पॉन्स और समन्वय के साथ कार्य करते हैं। प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियों और बचाव कार्यों का स्पष्ट विवरण भी साझा किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से एडीएम कीर्तिमान राठौर, मनीष मिश्रा, बांधे, डी.सी. किण्डो, एसडीएम आरंग अभिलाषा पैंकरा, उप पुलिस अधीक्षक माना लम्बोदर पटेल, एसडीआरएफ के पुष्पराज सिंह सहित राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक अभ्यास के पश्चात सभी विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूरे कार्यक्रम की समीक्षा और मूल्यांकन किया। भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने हेतु आवश्यक सुझाव और रणनीतियां साझा की गईं। इस प्रकार आयोजित मॉकड्रिल ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारीयों ने कहा कि ऐसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।