कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की सख्त हिदायत

छग

Update: 2026-04-24 13:46 GMT
Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों से जुड़ी सुविधाओं को लेकर कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। गुरुवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित ब्लॉकवार समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने निजी स्कूल संचालकों को स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में छात्रों और अभिभावकों पर ड्रेस, पुस्तक या कॉपी खरीदने के लिए बाध्यता नहीं डाली जानी चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि स्कूल फीस और पुस्तक-कॉपी की कीमतें पूरी तरह से नियमानुसार तय की जाएं और इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अभिभावक हितैषी बनाना आवश्यक है।

कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने स्पष्ट किया कि यदि कोई विद्यार्थी स्कूल फीस समय पर जमा नहीं कर पाता है, तब भी उसे प्रवेश पत्र, अंकसूची (मार्कशीट) और स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं। किसी भी छात्र के भविष्य को केवल आर्थिक कारणों से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी स्कूल बसों की फिटनेस पूरी तरह से दुरुस्त होनी चाहिए। इसके साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। बसों में केयर टेकर की व्यवस्था रखने और स्कूल परिसर के पास सुरक्षित स्टॉपर बनाए जाने के निर्देश भी दिए गए।

डॉ. कन्नौजे ने कहा कि सभी स्कूलों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से आरटीई (Right to Education), आपार आईडी, आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने में सहयोग देने के निर्देश दिए। छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “गुड टच और बैड टच” जैसी महत्वपूर्ण जानकारी बच्चों को दी जाए, साथ ही किशोर अवस्था में करियर विकल्प, शिक्षा और सामाजिक विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सेमिनार आयोजित किए जाएं।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, नोडल अधिकारी सेजेस नरेश चौहान सहित सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने कहा कि निजी स्कूलों में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक के बाद जिले के निजी स्कूलों में नियमों के पालन और विद्यार्थियों के हित में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इन निर्देशों से शिक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत और संतुलित होगी।
Tags:    

Similar News