Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद वनमंडल में वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वनमंडलाधिकारी मयंक पाण्डेय के नेतृत्व में अधिकारी, क्षेत्रीय अमला और सुरक्षा श्रमिकों द्वारा पूरे वनमंडल में बीट स्तर पर प्रातःकाल सघन पैदल गश्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अवैध वन गतिविधियों और वन्य अपराधों को रोकना तथा वन्य जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आज सुबह 6 बजे वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत कक्ष क्रमांक 206, सोहागपुर बीट में गश्त के दौरान कई अवैध गतिविधियाँ पाई गईं। इनमें वृक्षों की अवैध कटाई, वन अधिकार मान्यता अधिनियम के तहत प्राप्त पट्टाशुदा भूमि में नया अतिक्रमण, जंगल के भीतर डबरी में मछली जाल डालना और विद्युत तार प्रवाहित करना शामिल है। मौके पर तीन व्यक्तियों—रामाधीन पिता ठेल सिंह (जाति गोड़), ढोमसिंह पिता बलीराम और संतोष पिता बलीराम—को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 51 सहपठित धारा 9 एवं 2(16)(a)(b), भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 और लोकसंपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इस कार्रवाई में उप वनमंडलाधिकारी पिथौरा डिम्पी बैस, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा सालिकराम डड़सेना, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी बुंदेली छबिराम साहू, परिसर रक्षी सोहागपुर और सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे।
इसी क्रम में सांकरा सर्किल के बड़े टेमरी क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 258 में सियार का फंदा लगाकर शिकार करते हुए आरोपी फागूलाल पिता बृजलाल शिकारी और कुमार पिता मंगलू पारधी को पकड़ा गया। इनके खिलाफ वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सांकरा राजकुमार साहू, परिसर रक्षी सांकरा दीपक जेन्ड्रे और सुरक्षा श्रमिकों द्वारा की गई। गश्त के दौरान बागबाहरा परिक्षेत्र अंतर्गत जुनवानी बीट के कक्ष क्रमांक 128 में संरक्षित वन से संलग्न राजस्व क्षेत्र में वन्यप्राणी नीलगाय का एक शावक पाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत शावक को स्वस्थ पाया गया और वन परिक्षेत्र अधिकारी बागबाहरा द्वारा उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पाण्डेय ने बताया कि वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के लिए यह सघन गश्त अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और वन्य जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस अभियान से यह संदेश भी गया है कि महासमुंद वनमंडल में वन्य अपराध और अतिक्रमण पर प्रशासन शून्य सहिष्णुता नीति अपनाएगा। वन अधिकारी लगातार जागरूकता और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि वन्य जीवन और स्थानीय समुदाय के लिए सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।