Raigarh. रायगढ़। जिले में ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस ने मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वाले एक किशोर चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह थाना चौक लैलूंगा के पास पुलिस गश्त के दौरान एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BD 1205 को रोका गया। उक्त वाहन का चालक तेज गति से फर्राटेदार आवाज निकालने वाले मॉडिफाई साइलेंसर का उपयोग कर रहा था। साइलेंसर की अत्यधिक आवाज से आसपास के लोगों को न केवल असुविधा हो रही थी, बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी फैल रहा था, जिससे आमजन में नाराजगी देखी गई। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्परता दिखाते हुए वाहन चालक को तलब किया और उससे वाहन के वैध दस्तावेज, आरसी बुक एवं ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत करने के लिए कहा।
जांच के दौरान पाया गया कि चालक किशोर है और उसके द्वारा किया गया कृत्य कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चालक ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 11(2) एवं 15 का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 4/181 (बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना) एवं 184 (खतरनाक तरीके से वाहन चलाना) के तहत भी अपराध बनता है। लैलूंगा पुलिस द्वारा उक्त सभी धाराओं के अंतर्गत आरोपी के खिलाफ इस्तगासा तैयार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मॉडिफाई साइलेंसर या अन्य अवैध उपकरणों का उपयोग न करें। इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि पुलिस आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रखेगी, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और आमजन सुरक्षित महसूस कर सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की रियायत नहीं बरती जाएगी और भविष्य में भी इसी तरह की सघन जांच एवं कार्रवाई जारी रहेगी।