अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई, 1.51 लाख क्विंटल धान जब्त

छग

Update: 2025-12-07 15:47 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में सपोर्ट मूल्य पर धान खरीदी के प्रारंभ होने से पहले ही प्रदेश में अवैध धान भण्डारण और परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। 1 नवंबर से 6 दिसंबर 2025 तक विभिन्न जिलों से कुल 1,51,809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस वर्ष, मार्कफेड ने राज्य में अवैध धान की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स बनाए हैं। इसके अतिरिक्त, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है।
मार्कफेड के आंकड़ों के अनुसार, मण्डी अधिनियम 1972 के तहत अवैध धान के परिवहन पर कार्रवाई की गई। जिलेवार जब्त किए गए धान की मात्रा इस प्रकार है: महासमुंद 25,718 क्विंटल, धमतरी 23,859, रायगढ़ 21,331, राजनांदगांव 14,977, बलरामपुर 9771, बेमेतरा 6490, कवर्धा 5734, बालोद 4595, सारंगढ़-बिलाईगढ़ 3770, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 2868, जशपुर 2771, सूरजपुर 2650, दुर्ग 2350, जांजगीर-चांपा 2014, बलौदाबाजार 1855, बीजापुर 1842, रायपुर 1679, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 1583, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 1500, बस्तर 1560, मोहला-मानपुर-चौकी 1402, गरियाबंद 1393, कोरबा 1346, सरगुजा 1282, कोरिया 1237, सक्ती 1201, कोण्डागांव 1148, बिलासपुर 1060, कांकेर 1012, मुंगेली 917, दंतेवाड़ा 445, नारायणपुर 323, सुकमा 216 क्विंटल।
सीमावर्ती जिलों में निगरानी और अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम के कारण अन्य राज्यों से अवैध धान आने पर प्रभावी रोक लगाई जा रही है। शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा। खाद्य विभाग के अधिकारी बताते हैं कि मार्कफेड के कंट्रोल सेंटर के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस और जिला प्रशासन भी सतत निगरानी रखते हैं, जिससे राज्य में अवैध धान परिवहन पर नियंत्रण मजबूत हो रहा है।
विशेष रूप से, सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्टों के साथ-साथ टॉस्कफोर्स ने अवैध परिवहन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि अन्य राज्यों से आने वाला धान सीधे खरीदी प्रक्रिया में शामिल न हो सके। मार्कफेड और प्रशासन का यह संयुक्त प्रयास किसानों के हित और समर्थन मूल्य योजना की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध धान की रोकथाम से किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और खरीदी व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी रहेगी। इस निगरानी प्रणाली और नियमित कार्रवाई से प्रदेश में धान खरीदी प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी होने की संभावना न्यूनतम हो गई है। शासन ने इस बार स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधि या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की सक्रिय निगरानी और कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुरक्षा, पारदर्शिता और किसानों का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।
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