Raipur. रायपुर। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराए शक्तिशाली चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मंगलवार (3 नवंबर) को रायपुर में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बारिश शुरू हो गई। दिन ढलते ही शहर में हल्की धुंध और ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिला, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर ने चक्रवात 'मुरासु' के प्रभाव को देखते हुए चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने आज यानी 3 नवंबर को प्रदेश के 19 जिलों में और 4 नवंबर के लिए 15 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ (तेज हवाएं) चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हाल ही में आए 'अर्नब' तूफान के महज चार दिन बाद एक और नए चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने दस्तक दी है। 'मुरासु' तूफान आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास समुद्री तट से टकराया। लैंडफॉल के दौरान तटीय क्षेत्रों में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलीं। इस तूफान के सीधे प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो रही है और इसी मौसमी तंत्र (वेदर सिस्टम) के चलते छत्तीसगढ़ की ओर लगातार प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है।
रायपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाली की खाड़ी से आ रही इस नमी के कारण छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन और रात के तापमान में ठंडक महसूस होगी।
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने यलो अलर्ट के मद्देनजर आम जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से बिजली चमकने या गरज-चमक की स्थिति में लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और लोहे के खंभों के नीचे न खड़े होने तथा पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान वाहन चालकों को भी सड़कों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की हिदायत दी गई है।