Raipur. रायपुर। गुढ़ियारी क्षेत्र में हुई मोटरसायकल चोरी का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी करने वाले आरोपी सोनू जोशी और मोटरसायकल खरीदने वाले उपकार देवार को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में चोरी की मोटरसायकल भी बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 40,000 रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्रार्थी पंकज यादव ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 28 फरवरी 2024 को उन्होंने अपनी होण्डा मोटरसायकल (क्रमांक CG04ML4723) को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 07 के पास खड़ा किया था। जब वह वापस लौटे, तो उनकी मोटरसायकल वहां नहीं मिली। प्रार्थी की शिकायत पर थाना गुढ़ियारी में धारा 379 भादवि. के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट तथा थाना गुढ़ियारी पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ के बाद लगातार अज्ञात आरोपी की खोजबीन शुरू की। इस दौरान टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिससे चोरी की मोटरसायकल और आरोपी के बारे में सुराग मिला। तत्पश्चात, टीम ने तिल्दा नेवरा निवासी सोनू जोशी को पकड़ा। पूछताछ में सोनू ने चोरी करने की बात स्वीकार की और बताया कि उसने मोटरसायकल उपकार देवार को बेची थी। पुलिस ने उपकार की पतासाजी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की होण्डा मोटरसायकल बरामद की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 411, 34 भादवि. के तहत कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से गुढ़ियारी क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
गिरफ्तार आरोपी:
सोनू जोशी, पिता रामनारायण जोशी, उम्र 32 वर्ष, निवासी जोड़ा जैतखंभ के पास, सतनामी पारा नेवरा, थाना तिल्दा नेवरा, रायपुर।
उपकार देवार, पिता नेमीचंद देवार, उम्र 43 वर्ष, निवासी दलाल तालाब के पास, तिल्दा नेवरा, थाना तिल्दा नेवरा, रायपुर।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पेशेवर तरीके से चोरी की घटनाओं में लिप्त थे। सोनू जोशी चोरी करने वाला आरोपी था, जबकि उपकार देवार ने चोरी की मोटरसायकल खरीद कर उसे उपयोग में लाया। इस गिरफ्तारी में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने जांच और छानबीन के दौरान महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से अपराधियों में डर पैदा होगा और भविष्य में वाहन चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन और एंटी क्राइम टीम संयुक्त रूप से सक्रिय हैं और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं।