CG में SI पर दुष्कर्म, गर्भपात और ब्लैकमेलिंग के आरोप

छग

Update: 2026-04-23 15:10 GMT
Sakti. सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पुलिस विभाग में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (SI) पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी, गर्भपात कराने और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे वह लगातार मानसिक दबाव में है। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से SI कमल मैरिषा से करीब तीन वर्ष पहले हुई थी, जब आरोपी दंतेवाड़ा में पदस्थ था। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में मुलाकातें भी होने लगीं। महिला का आरोप है कि उस समय आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और उसके साथ संबंध स्थापित किए।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी हो चुकी है और उसकी एक छोटी बच्ची भी है। पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे और उसकी बेटी को अपनाएगा। इसी विश्वास के आधार पर दोनों के बीच संबंध बने। महिला का कहना है कि आरोपी उसके घर भी आता-जाता था, खासकर उस समय जब उसका पति घर पर नहीं होता था। आरोप है कि संबंधों के दौरान SI ने बिना जानकारी के उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। जनवरी 2024 में महिला के गर्भवती होने पर आरोपी ने उसे खरसिया में सोनोग्राफी कराने के लिए कहा। महिला के अनुसार, रिपोर्ट भेजने के बाद आरोपी ने उसे कुछ दवाइयां दीं, जिससे उसका गर्भपात हो गया। उसने आरोप लगाया कि यह सब बिना उसकी स्पष्ट जानकारी और सहमति के किया गया।
महिला ने यह भी बताया कि बाद में उसे एक अन्य महिला का फोन आया, जिसने खुद को आरोपी की पत्नी बताया और यह जानकारी दी कि उसका एक बच्चा भी है। इस जानकारी के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई और उसने आत्महत्या का प्रयास किया। बताया गया कि उसने कीटनाशक पी लिया था, जिसके बाद आरोपी उसे मालखरौदा स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया, जहां उसका उपचार हुआ। घटना के बाद भी आरोपी द्वारा उससे संपर्क बनाए रखा गया, लेकिन कुछ समय बाद उसे ब्लॉक कर दिया गया। महिला ने 29 जनवरी 2026 को सक्ती थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की जांच एसडीओपी स्तर पर सौंपी गई। हालांकि महिला का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। महिला का कहना है कि उसने चार बार एसपी कार्यालय और आईजी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। उसने वीडियो के माध्यम से भी अपनी बात सामने रखते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने आगे आरोप लगाया कि 28 मार्च 2026 को एसडीओपी कार्यालय के सामने आरोपी ने उसे आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर धमकाया। उसने कहा कि यदि वह बयान देगी तो इन वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा और उसे झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा। महिला का कहना है कि इस दबाव के कारण उसे अपनी शिकायत वापस लेनी पड़ी। अब महिला ने दोबारा पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी, जबरन गर्भपात और ब्लैकमेलिंग के तहत मामला दर्ज कर
सख्त कार्रवाई
की जाए। उसने यह भी कहा कि उसे सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वह बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सके। इस मामले में जब पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल से संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। महिला ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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