Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में नाले में मिले युवक के शव के मामले में चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। बसदेई चौकी क्षेत्र के ग्राम सोनपुर स्थित कलुहा नाले में 12 अक्टूबर को नाहर सिंह का शव मिलने के बाद पुलिस जांच में हत्या की आशंका सामने आई थी। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से पांच वार किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में संदेह के घेरे में आए बालगोविंद का शव भी दो दिन बाद खेत के पास झाड़ियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब नाहर सिंह की हत्या और बालगोविंद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच कर रही है।

नाले में मिला था नाहर सिंह का शव
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को ग्राम सोनपुर स्थित कलुहा नाले में नाहर सिंह का शव मिला था। घटना की जानकारी मिलने के बाद बसदेई चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर धारदार हथियार से पांच बार हमला किए जाने की बात सामने आई। शरीर पर मिले चोट के निशानों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच आगे बढ़ाई। घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला पारिवारिक विवाद और अंधविश्वास से जुड़ा होने की आशंका बढ़ गई।

टोना-टोटका के शक में हत्या की आशंका
पुलिस जांच के दौरान परिवार के सदस्यों के लगातार बीमार रहने और इसे कथित टोना-टोटका से जोड़कर देखे जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि परिवार में बीमारियों को लेकर लंबे समय से चिंता और विवाद की स्थिति थी। इसी बीच किसी व्यक्ति द्वारा टोना-टोटका किए जाने का शक पैदा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इसी संदेह के चलते नाहर सिंह पर हमला किया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की अंतिम पुष्टि नहीं की है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले संबंधित लोगों के बीच किसी प्रकार का विवाद हुआ था या नहीं।

पत्नी और बेटी के बयान से मिला अहम सुराग
नाहर सिंह की मौत की जांच के दौरान पुलिस ने उसकी पत्नी और बेटी से भी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि दोनों के बयानों से पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जानकारी के अनुसार, संदेही बालगोविंद ने कथित तौर पर नाहर सिंह की पत्नी से कहा था कि उसने नाहर सिंह को मार दिया है और अब परिवार को कोई परेशानी नहीं होगी। इस कथित बयान के सामने आने के बाद पुलिस का संदेह बालगोविंद की ओर बढ़ा। हालांकि, इस बयान की सत्यता और घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी बाकी है।

दो दिन बाद संदेही का फंदे पर मिला शव
नाहर सिंह की मौत के बाद बालगोविंद के घर से निकल जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को उसका शव खेत के पास झाड़ियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना के सामने आते ही नाहर सिंह की हत्या की जांच में नया मोड़ आ गया। जिस व्यक्ति की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही थी, उसकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बालगोविंद की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति रही, इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है।

दोनों मौतों के बीच संबंध की जांच
पुलिस अब दोनों घटनाओं के घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। विशेष रूप से नाहर सिंह की हत्या की आशंका, कथित पारिवारिक विवाद, टोना-टोटका का शक और बालगोविंद की मौत से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि नाहर सिंह पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और बालगोविंद की मौत से पहले क्या घटनाक्रम सामने आया था। फिलहाल दोनों मामलों की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही नाहर सिंह की मौत के जिम्मेदार व्यक्ति, हत्या की वास्तविक वजह और बालगोविंद की मौत की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
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