धान बेचकर किसान कृष्ण कुमार के घर में आई खुशहाली

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Update: 2026-01-08 13:03 GMT
Durg. दुर्ग। जिले में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए “तुहर टोकन ऐप” के माध्यम से 24 घंटे ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है। इस व्यवस्था के चलते किसान बिना किसी परेशानी के अपना टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचकर धान विक्रय कर पा रहे हैं। जिले के धान खरीदी केंद्रों में की गई सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का सकारात्मक असर किसानों के चेहरे पर साफ नजर आ रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण कुथरेल उपार्जन केंद्र में देखने को मिला, जहां अछोटी गांव के किसान कृष्ण कुमार संतोष और आत्मविश्वास से भरे नजर आए।

बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि समय पर ऑनलाइन टोकन मिलना और धान विक्रय की पूरी राशि सीधे बैंक खाते में जमा होना उनकी खुशी का मुख्य कारण है। किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने तीन एकड़ खेत में सरना किस्म के धान की फसल लगाई थी। यह उनका दूसरा टोकन था। पहले टोकन के माध्यम से उन्होंने पहले ही धान का विक्रय किया था, जिसकी पूरी राशि उनके बैंक खाते में जमा हो चुकी है। दूसरे टोकन के तहत वे कुथरेल उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने 28 क्विंटल 80 किलो धान का विक्रय किया। उन्होंने कहा कि यह उनकी मेहनत और सरकार की सही नीतियों का परिणाम है। इस वर्ष धान का उत्पादन पिछले साल की तुलना में अधिक हुआ है, क्योंकि खेती-बाड़ी के काम में इस बार उनके दोनों बेटों ने भी पूरा सहयोग किया। पहले खेती का सारा कार्य वे और उनकी पत्नी मिलकर करते थे।

लेकिन परिवार के सहयोग से इस वर्ष उत्पादन में बढ़ोतरी संभव हो पाई। कृष्ण कुमार ने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे खेती-बाड़ी से जुड़ी आवश्यकताओं के साथ-साथ घर की अन्य जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई धान खरीदी व्यवस्था की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब मूल्य भी मिल रहा है। धान विक्रय के एक सप्ताह के भीतर भुगतान किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे आर्थिक पारदर्शिता बनी हुई है। इसके साथ ही उपार्जन केंद्रों पर सुदृढ़ व्यवस्था के तहत वजन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों को किसी भी प्रकार की शंका या नुकसान का सामना नहीं करना पड़ रहा है और उन्हें सीधे व वास्तविक लाभ मिल रहा है। कुल मिलाकर दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के लिए भरोसेमंद और लाभकारी साबित हो रही है।
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