Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि इन समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं और यही समूह गांव की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदलने की ताकत रखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाएं स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से अपने परिवार और समाज की दिशा बदल रही हैं।
कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे व्यापार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्व-सहायता समूहों ने महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित की है। इससे महिलाएं समाज में अपनी पहचान बना रही हैं और अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने में सक्षम हो रही हैं। राज्यपाल ने समूहों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार भी इनके साथ खड़ी है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है। उनका मानना है कि जब महिलाएं मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज भी मजबूत होंगे।