Bilaigarh. बिलाईगढ़। सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले झुमरपाली गांव में मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। लकड़ी से भरी ट्रैक्टर से स्कूटर की जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इनमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसा रात करीब 9 बजे अक्षांश किराना स्टोर्स के पास हुआ। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, घटना इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही स्कूटर के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों ने तत्काल ही भटगांव थाना पुलिस को सूचना दी और घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। दोनों घायलों की पहचान केडार और पठारिपाली गांव के रहने वाले युवकों के रूप में हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि एक युवक को सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं, जिसे आगे के इलाज के लिए बलौदाबाजार जिला अस्पताल रेफर किया गया है। दूसरा युवक मामूली रूप से घायल है और खतरे से बाहर बताया गया है।
हादसे का कारण बना लापरवाही से खड़ा ट्रैक्टर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक स्कूटर से झुमरपाली से होकर घर की ओर लौट रहे थे। इस दौरान रास्ते में आरा मशीन के सामने मेन रोड पर एक ट्रैक्टर लकड़ी से लदा खड़ा था। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर सड़क किनारे नहीं, बल्कि बीच में खड़ा किया गया था, जिससे दृश्यता कम हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि "सामने से आ रही एक गाड़ी की हेडलाइट की तेज रोशनी सीधे स्कूटर सवारों की आंखों पर पड़ी, जिससे वे कुछ सेकंड के लिए अंधेरे में हो गए और ट्रैक्टर से टकरा गए।" टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटर ट्रैक्टर के नीचे जा फंसा।
पुलिस ने ट्रैक्टर किया जब्त, मालिक की पहचान
सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ट्रैक्टर भानु फर्नीचर (भटगांव–रोहिना मार्ग) का है, जो लकड़ी लाने-ले जाने में इस्तेमाल होता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ट्रैक्टर चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक से पूछताछ शुरू कर दी है।
लकड़ी की वैधता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि ट्रैक्टर में भरी लकड़ी जंगली या बेशकीमती प्रजाति की हो सकती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि रात के समय लकड़ी को आरा मशीन पर लाकर काटने की तैयारी की जा रही थी। एक ग्रामीण ने बताया, “यहां कई बार रात में इस तरह के ट्रैक्टर आते-जाते दिखते हैं। यह संभव है कि वन क्षेत्र से अवैध लकड़ी लाकर मशीन पर उतारी जाती हो। पुलिस और वन विभाग को इस पर जांच करनी चाहिए।”
वन विभाग की भूमिका पर निगाहें
घटना के बाद अब लोगों की निगाह वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ट्रैक्टर में भरी लकड़ी की उत्पत्ति की जांच नहीं होती, तो यह मामला भी अन्य मामलों की तरह रफा-दफा हो जाएगा। भटगांव थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 337 (दुर्घटनावश चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि आगे की कार्रवाई में लकड़ी की वैधता की भी जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर वन विभाग को सूचना दी जाएगी।
लगातार बढ़ रहे हादसे और लापरवाही का मुद्दा
स्थानीय निवासियों ने बताया कि झुमरपाली और आसपास के क्षेत्रों में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। कई बार ट्रैक्टर, ट्रक या ट्रॉली बिना रिफ्लेक्टर और हेडलाइट के खड़े रहते हैं, जिससे राहगीरों की जान पर बन आती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रात में लकड़ी या रेत से भरे वाहनों की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए और इस तरह के हादसों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।