सिंघनपुर गुफा में वैज्ञानिकों पर मधुमक्खियों का हमला, 4 की हालत गंभीर
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Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले की ऐतिहासिक और प्रसिद्ध सिंघनपुर गुफा में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रिसर्च के लिए पहुंची वैज्ञानिकों की टीम पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस घटना में वैज्ञानिकों समेत कुल छह लोग घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज रायगढ़ के ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल में जारी है। मामला भूपदेवपुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार रायपुर की एक यूनिवर्सिटी से पांच सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम सिंघनपुर गुफा में मौजूद प्राचीन शैल चित्रों और ऐतिहासिक संरचनाओं के अध्ययन के लिए पहुंची थी। टीम में तीन महिलाएं और दो पुरुष वैज्ञानिक शामिल थे। बताया जा रहा है कि टीम गुफा के अंदर रिसर्च कार्य कर रही थी, तभी अचानक वहां मौजूद मधुमक्खियां भड़क गईं और उन्होंने टीम पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वैज्ञानिक और वहां मौजूद लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बचाव दल ने कठिन पहाड़ी रास्तों से घायल लोगों को स्ट्रेचर के जरिए नीचे लाकर अस्पताल पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि बचाव कार्य के दौरान एक वनकर्मी भी मधुमक्खियों के हमले में घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार घायल लोगों में ब्रम्हानंद धृतलहरे (27 वर्ष), स्मृद्धि (69 वर्ष), भाग्यश्री (30 वर्ष), सुमन (35 वर्ष), निहारिका (36 वर्ष) और गितेश्वर पटेल शामिल हैं। इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिंघनपुर गुफा क्षेत्र जंगल और पहाड़ी इलाके में स्थित है, जहां मधुमक्खियों के बड़े छत्ते मौजूद हैं। माना जा रहा है कि किसी हलचल या आवाज की वजह से मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं। फिलहाल पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। सिंघनपुर गुफा छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में गिनी जाती है। यहां प्राचीन शैल चित्रों को देखने और अध्ययन करने के लिए अक्सर शोधकर्ता और पर्यटक पहुंचते हैं। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है।