नाबालिग के साथ जोर-जबरदस्ती करने वाले आरोपी को सश्रम कारावास

छग

Update: 2023-01-19 15:26 GMT
मनेन्द्रगढ़। घर में जबरदस्ती घुसकर गलत नीयत से नाबालिग के साथ जोर-जबरदस्ती करने तथा पीडि़ता के पिता के साथ मारपीट कर उसे जान से मारने की धमकी दिए जाने के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) मनेंद्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित की अदालत ने दोषसिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त को अर्थदंड एवं सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक जीएस राय ने बताया कि घटना दिवस 20 अप्रैल 2020 की शाम लगभग 6 बजे पीडि़ता अपने घर में अकेली खाना बना रही थी, तभी अभियुक्त कोटाडोल थानांतर्गत ग्राम चिखली निवासी भगवान दास यादव उर्फ गुड्डू (27)जबरदस्ती घर के अंदर घुस आया और उसका हाथ पकडक़र गलत नीयत से जोर-जबरदस्ती करने लगा।
पीडि़ता के शोर मचाने पर उसके पिता एवं दादा आए और उसे ऐसा करने से मना किए। जिस पर आरोपी ने पीडि़ता के पिता के साथ मारपीट की और रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। मामले में पीडि़ता की लिखित शिकायत के आधार पर आरक्षी केंद्र कोटाडोल द्वारा विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। अभियुक्त के दोषसिद्ध पाए जाने पर न्यायाधीश द्वारा केस के संपूर्ण पहलुओं पर गौर किए जाने के उपरांत धारा 452 के तहत 1 वर्ष, धारा 354 के तहत 2 वर्ष, धारा 354(क) के तहत 1 वर्ष, धारा 323 के तहत 3 माह एवं धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत 3 वर्ष एवं सभी धाराओं में सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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