पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मध्य जोन में समीक्षा बैठक
छग
Raipur. रायपुर। रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में माननीय पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु मध्य जोन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एसीपी कोतवाली कार्यालय में डीसीपी सेंट्रल (पुलिस उपायुक्त, मध्य जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान डीसीपी सेंट्रल उमेश प्रसाद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली का उद्देश्य त्वरित निर्णय, प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्ण अनुशासन, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक और भरोसेमंद छवि स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। डीसीपी सेंट्रल ने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर सख्त अंकुश लगाने के निर्देश देते हुए विजिबल पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने बैंकों और एटीएम की नियमित चेकिंग, रात्रि गश्त को और अधिक सघन एवं प्रभावी बनाने तथा गश्त में बल बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही गश्त प्रणाली की समीक्षा कर नई और अधिक कारगर गश्त योजना तैयार करने को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में असामाजिक तत्वों, गुंडा-बदमाशों और आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखने, थाना हाजिरी सुनिश्चित कराने तथा चाकूबाजी, नशे से संबंधित अपराधों और अन्य अवैध गतिविधियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शराब भट्ठियों, अहातों, होटल, लॉज, ढाबा एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित जांच अभियान चलाने को भी अनिवार्य बताया गया, ताकि अवैध गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जा सके। डीसीपी गुप्ता ने बाल अपराध, महिला अपराध, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज गंभीर अपराधों एवं साइबर अपराधों में त्वरित संज्ञान लेकर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों, अड्डेबाजों और असामाजिक तत्वों की नियमित चेकिंग, संदिग्ध वाहनों की सघन जांच तथा आम नागरिकों के साथ शालीन, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही पुलिस कर्मियों में अनुशासन, समयबद्धता और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आगामी गणतंत्र दिवस को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने, गश्त एवं जांच अभियानों को तेज करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। डीसीपी सेंट्रल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में एडिशनल डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा, एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू सहित थाना प्रभारी कोतवाली सतीश सिंह गहरवार, सिविल लाइन, तेलीबांधा, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज और देवेंद्र नगर के थाना प्रभारी उपस्थित रहे। अंत में सभी थाना प्रभारियों को माननीय पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के आदेशों का अक्षरशः पालन करते हुए मध्य जोन क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूरी सजगता और सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।