Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। भिलाई के रिसाली स्थित हिंद नगर में भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के रिटायर्ड कर्मचारी राकेश कुमार तिवारी (60 वर्ष) ने आत्महत्या कर ली। 27 अक्टूबर की दोपहर उनका शव घर की बालकनी में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना उतई थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, राकेश तिवारी ने पहले ब्लेड से अपने हाथ की नस काटने की कोशिश की, लेकिन जब यह प्रयास असफल रहा तो उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने मौके से एक ब्लेड बरामद किया है और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
रिटायरमेंट के बाद महसूस कर रहे थे अकेलापन
पुलिस जांच में प्रारंभिक जानकारी सामने आई है कि रिटायरमेंट के बाद से राकेश तिवारी मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे और अक्सर अकेलापन महसूस करते थे। वे भिलाई इस्पात संयंत्र में स्टोर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद उनका ज्यादातर समय घर पर ही बीतता था, और वे अक्सर खुद में गुम रहने लगे थे।
दिवाली में परिवार साथ था
घटना 27 अक्टूबर की दोपहर लगभग 1 बजे से 3 बजे के बीच हुई। पुलिस ने बताया कि दिवाली के दौरान उनके बेटे और बहू ने घर पर परिवार के साथ समय बिताया था। घटना वाले दिन उनका बेटा अपनी पत्नी को रायपुर एयरपोर्ट छोड़ने गया था। जब वह घर लौटा, तो उसने देखा कि उसके पिता बालकनी में फंदे पर लटके हुए हैं। उसने तुरंत अपनी मां और अन्य परिजनों को सूचना दी और पुलिस को खबर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही उतई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और घर के आसपास का निरीक्षण किया गया। पुलिस को वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
परिवार और परिचितों में शोक की लहर
मृतक राकेश तिवारी की पत्नी नागरिक सहकारी बैंक, सेक्टर-2, भिलाई में कार्यरत हैं, जबकि उनका बेटा और बहू पुणे में नौकरी करते हैं। उनकी बेटी खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही है। परिवार के करीबी मित्र दीपक दीवान ने बताया कि राकेश तिवारी शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और किसी से विवाद या तनाव जैसी बात कभी सुनने में नहीं आई। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद वे अक्सर कहते थे कि समय कटता नहीं है और लोग मिलने भी कम आते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट है कि आत्महत्या मानसिक तनाव या अकेलेपन के कारण की गई होगी। हालांकि, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राकेश तिवारी बहुत मिलनसार और मददगार व्यक्ति थे। वे कई वर्षों तक भिलाई स्टील प्लांट में सेवाएं देने के बाद शांत जीवन बिता रहे थे। पुलिस अब परिवार से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वे हाल के दिनों में किसी आर्थिक या व्यक्तिगत परेशानी में थे।