रतनपुर की बेटी अपूर्वा मरकाम बनीं सिविल जज

छग

Update: 2026-02-23 14:46 GMT
Ratanpur. रतनपुर। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर रतनपुर के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। यहां की होनहार बेटी अपूर्वा मरकाम ने सिविल जज परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में हर्ष और गौरव का वातावरण व्याप्त है। सामाजिक, शैक्षणिक और नागरिक संगठनों ने अपूर्वा को बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है। अपूर्वा मरकाम शिक्षक कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 4, रतनपुर की निवासी हैं। वे स्वर्गीय फुल सिंह मरकाम, जो एक वरिष्ठ शिक्षक रहे, एवं श्रीमती प्रतिभा मरकाम, व्याख्याता, की सुपुत्री हैं। परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अनुशासित वातावरण ने अपूर्वा के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रारंभ से ही मेधावी और लक्ष्य के प्रति समर्पित अपूर्वा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रतनपुर में ही पूर्ण की, जहां उन्होंने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

विधि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए अपूर्वा ने हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर में प्रवेश लिया। यहां से उन्होंने एलएलबी और एलएलएम की डिग्री उत्कृष्ट अंकों के साथ प्राप्त की। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उन्होंने न केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कीं, बल्कि विभिन्न विधिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। शिक्षकों के अनुसार, अपूर्वा का दृष्टिकोण हमेशा स्पष्ट और अध्ययन के प्रति गंभीर रहा। सिविल जज जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होता, लेकिन अपूर्वा ने कठोर परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह मुकाम हासिल किया। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, जो राज्य की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। अपूर्वा ने बताया कि इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, सही रणनीति और परिवार का अटूट नैतिक समर्थन रहा है।

अपनी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अपूर्वा ने सफलता का श्रेय अपने दिवंगत पिता की प्रेरणा, माता के मार्गदर्शन और गुरुजनों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ यदि निरंतर प्रयास किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तैयारी के दौरान कई चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन धैर्य और सकारात्मक सोच ने उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति दी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अपूर्वा का संदेश भी बेहद प्रेरक रहा। उन्होंने कहा, “जीवन में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। यदि हम पूरी ईमानदारी, धैर्य और समर्पण के साथ प्रयास करें, तो सफलता अवश्य मिलती है। कठिनाइयाँ हर किसी के जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।” अपूर्वा मरकाम प्रतिष्ठित शिक्षाविद स्व. श्री सी.एल. कोरम की नातिन हैं। उनके मामा श्री विजय सिंह कोरम (मुख्य अभियंता, रायपुर) और श्री अजय सिंह कोरम (अधीक्षण अभियंता, सीएसईबी कोरबा) हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि अपूर्वा की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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