रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का माध्यम : तोखन साहू
छग
Raipur. रायपुर। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि रामकथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। राज्यमंत्री साहू शनिवार को बिलासपुर के तोरवा स्थित स्व. गोविंदराम सचदेव सिंह भवन में आयोजित श्रीरामकथा कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल हुए। कथा में शामिल होकर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कारों को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं धर्म की जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने श्रीराम के वनवास, संघर्ष, भक्ति, और राज्य की मर्यादा के पालन को प्रेरणादायी बताया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब सामाजिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, ऐसे समय में रामकथा जैसे आयोजन समाज में संयम, सेवा और सत्य की भावना को पुनर्जीवित करते हैं। यह आयोजन केवल भक्ति भाव ही नहीं, अपितु चरित्र निर्माण की दिशा में भी एक सशक्त पहल है। कार्यक्रम के दौरान कथावाचक द्वारा श्रीराम के आदर्शों और जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने भक्ति भाव से कथा श्रवण किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा केंद्रीय मंत्री का अभिनंदन किया गया और उन्होंने सभी को श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।