Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा एवं समन्वय बैठक ली। बैठक में पुलिसिंग की कार्यकुशलता, अधिकारियों की जवाबदेही, थाना स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण और आम नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराधों की समयबद्ध विवेचना और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में रायपुर रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और रक्षित निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न जिलों में अपराधों की स्थिति, लंबित प्रकरणों, वारंट तामीली, यातायात व्यवस्था और आगामी त्योहारों की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की गई। आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिसिंग में ऑपरेशनल एफिशिएंसी, अकाउंटेबिलिटी और ओनरशिप की भावना विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षी अधिकारियों को केवल कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय थाना स्तर पर सक्रिय नेतृत्व प्रदान करना होगा। फील्ड ऑपरेशन, अपराध विवेचना और कानून-व्यवस्था से संबंधित गतिविधियों में सीएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रत्यक्ष सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
आगामी त्योहारों को देखते हुए आईजी ने बाजारों, प्रमुख चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सघन पेट्रोलिंग तथा प्रभावी चेकिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान चोरी, उठाईगिरी और असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
अपराधों की विवेचना को लेकर भी आईजी ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने लंबित अपराधों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित वैधानिक समयसीमा के भीतर चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने पर जोर दिया। गंभीर अपराधों में प्रभावी जमानत विरोध और अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा आवश्यक मामलों में अनुपस्थिति में विचारण से संबंधित वैधानिक प्रावधानों के उपयोग के निर्देश भी दिए गए।
यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। साथ ही शहरों में उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए, ताकि यातायात व्यवस्था की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में मदद मिल सके। बैठक में न्यायालयीन समन्वय और वारंट तामीली की व्यवस्था को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। आईजी ने समंस और वारंट की तामीली के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग अपनाने तथा न्यायालयों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने को कहा। पुराने और सामान्य प्रकृति के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा जनशिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, पुलिस बल का युक्तियुक्त आवंटन करने और साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ने भूमि विवादों में समय रहते आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। बैठक के अंत में आईजी ने स्पष्ट किया कि प्रभावी पर्यवेक्षण, परिणामोन्मुखी पुलिसिंग और संवेदनशील जनशिकायत निवारण ही पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता तथा जनता के विश्वास के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण, अनुशासन और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
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