Raipur Breaking: बिजली वायर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-04-24 14:00 GMT
Raipur (Rural) रायपुर (ग्रामीण)। जिले के तिल्दा नेवरा और खरोरा थाना क्षेत्र में बिजली पोल तोड़कर वायर चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। तिल्दा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 7 लाख रुपये की चोरी का सामान बरामद किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हुई लगातार बिजली चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह तिल्दा नेवरा और खरोरा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में बिजली पोल तोड़कर एल्यूमिनियम वायर और केबल वायर की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। अब तक इस गिरोह द्वारा कुल 5 घटनाओं को अंजाम देने की पुष्टि हुई है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी अनिल कुमार वर्मा, कनिष्ठ यंत्री, ने थाना तिल्दा नेवरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम कोनारी (रामदूत इस्पात के पीछे) क्षेत्र में कृषि पंप कनेक्शन के लिए लगाए गए बिजली पोल और तारों को अज्ञात चोरों ने क्षतिग्रस्त कर दिया और बड़ी मात्रा में वायर चोरी कर लिया। घटना के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई थी। प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और नगर पुलिस अधीक्षक विधानसभा वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा की टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। साथ ही पुराने अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर भी नजर रखी गई। जांच के दौरान पुलिस को देव प्रसाद पारधी पर संदेह हुआ, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने तीन साथियों मनमोहन नारंग, हेमलाल धृतलहरे और पंकज कुमार टंडन के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि ये आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इनमें मारपीट, आबकारी एक्ट, डकैती और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से रात के समय बिजली पोल को तोड़ते थे और एल्यूमिनियम वायर व अन्य सामग्री चोरी कर ले जाते थे। चोरी का सामान बाद में अलग-अलग स्थानों पर बेचकर अवैध लाभ कमाया जाता था। बरामदगी में पुलिस ने 5500 मीटर एल्यूमिनियम वायर, 30 मीटर केबल वायर, 4 व्ही क्रॉस एंगल, 2 एल्यूमिनियम कटर मशीन, 1 ओमनी कार और 1 दोपहिया वाहन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने वर्ष 2025 में भी तिल्दा नेवरा क्षेत्र के ग्राम चांपा खार और ग्राम कोनारी में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया था, जिनके संबंध में पहले से ही मामले दर्ज हैं। इसके अलावा खरोरा क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में बिजली पोल और तार चोरी की घटनाएं सामने आई थीं।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2), 324(4), 3(5) बीएनएस और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 03 के तहत कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में देव प्रसाद पारधी (38 वर्ष), मनमोहन नारंग (25 वर्ष), हेमलाल धृतलहरे (33 वर्ष) और पंकज कुमार टंडन (19 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगेगी और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई में तिल्दा नेवरा पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसने तकनीकी और सूचनात्मक आधार पर गिरोह का पर्दाफाश किया।
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