Raipur Breaking: नव्या मालिक और विधि अग्रवाल से IG अमरेश मिश्रा ने की घंटों पूछताछ

छग

Update: 2025-09-05 18:54 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले दिनों सामने आए हाईप्रोफाइल ड्रग्स पैडलिंग केस ने प्रदेश भर में सनसनी मचा दी है। इस मामले की मुख्य आरोपी नव्या मालिक इन दिनों पुलिस रिमांड पर है और आज उसका रिमांड का दूसरा दिन था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान रायपुर पुलिस के आला अधिकारी लगातार कई घंटों तक उससे पूछताछ करते रहे। शाम को रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा स्वयं क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचे और उन्होंने नव्या मालिक व विधि अग्रवाल से अलग-अलग गहन पूछताछ की। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान ड्रग्स सप्लाई चैन, तस्करी की रणनीति और अन्य कड़ियों से जुड़े कई सवाल पूछे गए।

आईजी की पूछताछ से तेज हुई जांच
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आईजी अमरेश मिश्रा की सीधी पूछताछ से पूरे मामले की जांच और अधिक तेज हो जाएगी। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों के बयानों के आधार पर कई नए सबूत भी जुटाए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस और भी बड़ी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल, नव्या मालिक को अदालत ने दूसरी बार पुलिस रिमांड पर भेजा है, जो 6 सितंबर तक जारी रहेगा। कल यानी शनिवार को दोपहर बाद उसे दोबारा एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा।

अब तक हुई गिरफ्तारियां
इस हाईप्रोफाइल ड्रग्स केस में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआत 23 अगस्त को हुई थी, जब पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास कार से पकड़ा था। इनके पास से 27.58 ग्राम एमडीएमए, 85,300 रुपये नगद, एक कार और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने मुख्य सरगना मानी जा रही नव्या मालिक और उसके करीबी सहयोगी अयान परवेज को गिरफ्तार किया। इसके बाद हालिया कार्रवाई में चार और आरोपियों को पकड़ा गया। इनमें विधि अग्रवाल और ऋषिराज टंडन शामिल हैं, जो शहर की पार्टियों और इवेंट्स के मैनेजमेंट में सक्रिय थे और नशे के नेटवर्क से जुड़े मुख्य चेहरे बताए जाते हैं। इनके अलावा सोहेल खान और जुनैद अख्तर को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की जांच का फोकस
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज पर लगातार पूछताछ कर रही है। बैकवर्ड लिंकेज के तहत पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि ड्रग्स कहां से और किन नेटवर्क के जरिए प्रदेश तक पहुंचाई जा रही थी। वहीं फॉरवर्ड लिंकेज में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि यह ड्रग्स किन-किन लोगों तक सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के बयान और बरामद मोबाइल फोन्स की जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ और हाईप्रोफाइल नाम भी शामिल हो सकते हैं।

कैसे सामने आया मामला?
यह पूरा मामला 23 अगस्त 2025 को सामने आया था। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली थी। कार से तीन आरोपी –
हर्ष आहूजा (23 वर्ष, निवासी रायपुर)
मोनू विश्नोई (29 वर्ष, निवासी हिसार, हरियाणा)
दीप धनोरिया (41 वर्ष, निवासी रायपुर)
को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को 27.58 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, सोनेट कार (CG 04 QJ 5466), 85,300 रुपये नगद और 5 मोबाइल फोन मिले थे। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई थी।
इसके आधार पर गंज थाने में धारा 21(सी), 29 नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और आगे की जांच शुरू हुई।

सामाजिक प्रभाव और हाईप्रोफाइल कनेक्शन
इस केस ने रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसमें शामिल कई आरोपी हाईप्रोफाइल फैमिली बैकग्राउंड से आते हैं और शहर के इवेंट्स, पार्टियों व पब कल्चर में सक्रिय थे। युवाओं को ड्रग्स की लत में फंसाने का यह नेटवर्क लंबे समय से काम कर रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी खासकर पार्टी कल्चर और युवाओं के बीच ड्रग्स सप्लाई कर रहे थे। इस कारण यह केस केवल आपराधिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य दृष्टि से भी गंभीर है।

पुलिस की आगामी कार्रवाई
नव्या मालिक और विधि अग्रवाल से पूछताछ जारी है और पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन्स की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, ताकि नेटवर्क की पूरी रूपरेखा सामने लाई जा सके।
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