Raipur. रायपुर। रायपुर के गोगांव थाना क्षेत्र में 12 फरवरी 2022 को हुई हिंसक घटना में आरोपी नीति श बंजारे उर्फ चिंटू को न्यायालय ने दोषी ठहराया है। प्रकरण में आरोपी ने प्रार्थी रूखमणी महेश्वरी के बेटे टीकम महेश्वरी और मंझले बेटे सूरज महेश्वरी पर जानलेवा हमला किया था। घटना के दौरान आरोपी और उसके साथी योगेश लहरे ने धारदार हथियार से हमला कर गंभीर चोटें पहुँचाईं। प्रकरण की जांच के दौरान पता चला कि 12 फरवरी 2022 की दोपहर लगभग चार बजे गोगांव के पुरानी पानी टंकी के पास आरोपी और उसका साथी आए और प्रार्थी के बेटे टीकम महेश्वरी को धमकी देते हुए गाली-गलौज की। इसके बाद आरोपी ने धारदार चाकू से टीकम महेश्वरी के कमर, पेट और सीने पर वार किया। जब सूरज महेश्वरी बीच बचाव में आया, तो उसके सिर और कमर के नीचे वार किए गए। घटना को इलाके के लोग भी देख चुके थे।
इस मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 62/2022 के तहत आरोपी और उसके साथी के खिलाफ धारा 307, 323, 34 भा.दं.सं. के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना स्थल से आरोपी के पास से खून लगे कपड़े और एक लोहे का नुकीला धारदार चाकू जब्त किया गया। इन्हें राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया। साथ ही, घटनास्थल का पटवारी नजरी नक्शा तैयार किया गया। जांच और साक्ष्य संकलन के बाद आरोपी नीति श बंजारे के खिलाफ धारा 294, 506 भाग-दो, 307, 323, 326, 34 भा.दं.सं. के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोपी ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की और न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले का सामना किया।
रायपुर की न्यायिक प्रणाली के अनुसार प्रकरण को सत्र न्यायालय में स्थानांतरित किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान 12 गवाहों के बयान लिए गए, जिनमें प्रार्थी रूखमणी महेश्वरी, आहत टीकम और सूरज महेश्वरी, गवाह महेन्द्र कुमार गेन्द्रे, जय सोनवानी, सुखवंतीन बाई, तुलसी लहरे और आरक्षक हेमेश साहू शामिल थे। सभी साक्ष्यों और घटनास्थल के तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने नीति श बंजारे को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को धारा 307 सहपठित 34 भा.दं.सं. के तहत दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये का अर्थदंड दिया। आरोपी की जमानत अवधि 13 फरवरी 2022 से 27 जनवरी 2024 तक रही, यानी कुल सात सौ चौदह दिन। आरोपी की गिरफ्तारी 13 फरवरी 2022 को हुई थी और न्यायालय ने उसे दोषसिद्धि के बाद उचित दंड दिया।
प्रकरण में आरोपी का नाम नीति श बंजारे उर्फ चिंटू, पिता का नाम संतोष बंजारे और उम्र 20 वर्ष बताया गया है। आरोपी रायपुर जिले के गोगांव क्षेत्र के पुराना पानी टंकी के पास का निवासी है। न्यायालय ने दोषसिद्धि की जानकारी जेल अधीक्षक और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी भेजी, ताकि आरोपी को उनके अपील अधिकार से अवगत कराया जा सके। घटना की गंभीरता और आरोपी की नीयत को देखते हुए न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि दोषसिद्धि के दौरान आरोपी की जमानत अवधि को न्यायालय में बिताए गए समय में शामिल किया गया। घटना में प्रयुक्त हथियार, खून लगे कपड़े और अन्य साक्ष्य के परीक्षण के बाद ही न्यायालय ने अंतिम निर्णय सुनाया।
यह प्रकरण यह दर्शाता है कि रायपुर में हिंसक घटनाओं पर न्यायिक कार्रवाई समयबद्ध और प्रभावी है। आरोपी ने जान से मारने की धमकी के साथ सीधे तौर पर हमला किया, जिससे पीड़ित परिवार में भय और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हुई। न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाकर न्याय का मार्ग सुनिश्चित किया। अभियोजन पक्ष के वकील और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने जानबूझकर और पूर्व नियोजित तरीके से हमला किया। घटना स्थल, गवाहों के बयान, जप्त किए गए हथियार और खून लगे कपड़ों की पुष्टि के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया।