Raipur Breaking: अज्ञात कॉलर ने खुद को सीएम OSD रवि मिश्रा बताकर धमकाया

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Update: 2025-12-16 15:26 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के शिवानंद नगर स्थित जगन्नाथ निवास ब्लॉक नंबर 20, सेक्टर 03 में रहने वाले आंजनेय यूनिवर्सिटी नरदहा के असिस्टेंट प्रोफेसर चिंतामणी पंडा ने थाना सिविल लाइन में एक गंभीर मामला दर्ज कराया है। उनके अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर पर कॉल कर उन्हें धमकी दी, और स्वयं को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के OSD रवि मिश्रा का प्रतिनिधि बताकर डराने की कोशिश की। आवेदन में बताया गया है कि चिंतामणी पंडा और उनकी पत्नी डिंपल पंडा के बीच पारिवारिक विवाद के चलते वे 12 दिसंबर 2025 से अलग रह रहे हैं। घटना 15 दिसंबर 2025 को दोपहर 3:20 बजे लोधीपारा चौक के पास हुई, जब अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कॉल किया और कहा कि यदि पंडा अपनी पत्नी से सुलह नहीं करेंगे तो उनके द्वारा दी गई शिकायतें उच्च अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन तक भेज दी जाएंगी।

इस दौरान आरोपी ने धमकी दी और खुद को मुख्यमंत्री के OSD रवि मिश्रा के रूप में प्रस्तुत किया। प्रोफेसर पंडा ने बताया कि कॉल से उन्हें मानसिक तनाव और भय उत्पन्न हुआ। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि कॉल करने वाला व्यक्ति वास्तविक OSD नहीं था, बल्कि किसी ने फेक कॉलर ID का इस्तेमाल कर स्वयं को OSD का प्रतिरूपण करके धमकी दी। पंडा ने घटना के बारे में अपने मित्र विशाल पांडेय और शंकर बजरंग नायडू को भी बताया। घटना के गंभीर होने के कारण पंडा ने 16 दिसंबर 2025 को थाना सिविल लाइन में लिखित आवेदन देकर अज्ञात कॉलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए प्रथम दृष्टया अपराध धारा 319(2), 336(3), 340(2), 351(3) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। आवेदन के साथ उन्होंने कॉल की रिकॉर्डिंग और फेक कॉलर प्रोफाइल की प्रतियां भी संलग्न की हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फेक कॉलर ID के माध्यम से किसी को धमकी देना और सार्वजनिक अधिकारियों की छवि धूमिल करना गंभीर अपराध माना जाता है। मामले की जांच में कॉल डेटा, मोबाइल नंबर की पहचान और संभावित संदिग्धों की तफ्तीश की जाएगी। चिंतामणी पंडा की शिकायत ने यह भी उजागर किया है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए फेक आईडी और कॉल का इस्तेमाल कर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना संभव है। इस घटना के बाद साइबर अपराध और फर्जी कॉलर मामलों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया जा रहा है। आवेदन में पंडा ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपी को जल्द पकड़कर उसके खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे फर्जी कॉल और धमकियों को रोका जा सके। इस मामले से यह भी संकेत मिलता है कि सरकारी अधिकारियों और सामान्य नागरिकों के बीच फेक कॉलिंग के माध्यम से उत्पन्न खतरों पर सतर्क रहने की जरूरत है।
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