Raipur. रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशानुसार रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत अंतर्राज्यीय साइबर ठगी करने वाले कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के माध्यम से लोगों को अत्यधिक लाभ का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न 66 थाना एवं साइबर सेल में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र से 5, उत्तर प्रदेश से 2 और तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा से 1-1 आरोपी के रूप में की गई है। पुलिस ने बताया कि प्रत्येक मामले की विवेचना तकनीकी साक्ष्य, बैंक विवरण, मोबाइल डेटा और वॉट्सएप चैट के माध्यम से की गई।
मुख्य मामले:
केश 1 में प्रार्थी माया तिवारी पटेल ने शेयर ट्रेडिंग में 89 लाख रुपये की ठगी की शिकायत थाना राखी में दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 115/25, धारा 318(4), 3(5) भा.न्या.सं. के तहत विवेचना की गई।
केश 2 में प्रार्थी जयंत चंद्राकर के साथ 26 लाख की शेयर ट्रेडिंग ठगी की शिकायत थाना आमानाका में दर्ज हुई। अपराध क्रमांक 283/25, धारा 318(4), 3(5) भा.न्या.सं. के तहत जांच की गई।
केश 3 में सत्येंद्र श्रीवास्तव के साथ 32 लाख की शेयर ट्रेडिंग ठगी, थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें धारा 318(4), 3(5), 66(D) आईटी एक्ट लागू की गई। बैंक खाता, मोबाइल नंबर और वॉट्सएप डेटा के माध्यम से आरोपी की पहचान की गई।
केश 4 में प्रार्थी कपिल दासवानी के साथ ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी हुई। मामला थाना विधानसभा में दर्ज हुआ। आरोपी की पहचान बैंक जानकारी और वीडियो फुटेज के विश्लेषण से हुई।
केश 5 में राहुल सिंह ने शेयर ट्रेडिंग के बहाने 18 लाख रुपये की ठगी की शिकायत थाना रेंज साइबर में दर्ज कराई। मोबाइल सर्विस और वॉट्सएप डेटा के आधार पर आरोपी की पहचान की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची और भूमिका
ओंकार बंगारी (27 वर्ष, पुणे, महाराष्ट्र) – विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से धोखाधड़ी की रकम अन्य आरोपियों तक पहुंचाना।
पवन शाखाराम बुरकुल (23 वर्ष, जालना, महाराष्ट्र) – कमीशन पर फर्जी बैंक खाता खुलवाना।
रितेश बारहटे (गजानन नगर, नाशिक, महाराष्ट्र) – फर्जी कंपनी के बैंक खातों के माध्यम से रकम का ट्रांसफर।
साहिल महले (नाशिक, महाराष्ट्र) – फर्जी बैंक खाता खोलने में सहयोग।
युवराज आठवले (सोलापुर, महाराष्ट्र) – धोखाधड़ी के लिए फर्जी प्रमोशनल मैसेज भेजना।
राजू शर्मा (सुजान कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) – यूट्यूबर के रूप में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल और गिरोह में अन्य लोगों को जोड़ना।
आकाश बरनवाल (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) – कमीशन लेकर फर्जी बैंक खाता खोलना।
डोंतामाला किशोर कुमार (हैदराबाद, तेलंगाना) – फर्जी कंपनी के बैंक खातों से रकम का घुमाव।
आनंद बड़ोनिया (ग्वालियर, मध्यप्रदेश) – शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड की योजनाबद्ध निष्पत्ति।
भवानी सिंह राजपूत (अजमेर, राजस्थान) – फर्जी बैंक खाता खोलने में सहयोग।
भागीरथी महतो (संदरगढ़, उड़ीसा) – फर्जी प्रमोशनल मैसेज भेजना और गिरोह में अन्य लोगों को जोड़ना।
पुलिस ने बताया कि प्रत्येक आरोपी ने अपनी भूमिका के अनुसार धोखाधड़ी को अंजाम दिया। बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर यह गिरोह राज्य और देश में विभिन्न लोगों को निशाना बना रहा था। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर प्रत्येक आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की गई है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी कितने अंतर्राज्यीय हैं और इनके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज रिपोर्टों की गहन विवेचना की जा रही है। आगे पुलिस ने चेतावनी दी कि शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन जॉब और अन्य डिजिटल माध्यम से होने वाले फ्रॉड की गतिविधियों पर सतर्कता जरूरी है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर या निवेश से पहले जांच करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी साइबर सेल या पुलिस को दें।