रायपुर में रेलवे भर्ती रिश्वत मामला, दो रेलकर्मी न्यायिक रिमांड पर
CBI की जांच तेज
Raipur. रायपुर। रायपुर में रेलवे के स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार दो रेलकर्मियों को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। CBI जज के अवकाश पर होने के कारण दोनों आरोपियों को एट्रोसिटी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 1 जून तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह मामला रेलवे में भर्ती प्रक्रिया के दौरान महिला अभ्यर्थी से 5 लाख रुपये रिश्वत लेने से जुड़ा हुआ है। CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) विंग रायपुर ने कार्रवाई करते हुए दो रेलकर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में टीटीई रामालक्ष्मी और जे. राजशेखर शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती दिलाने के नाम पर एक महिला अभ्यर्थी से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया और तय योजना के तहत दोनों को 5 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं, जिसके बाद जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।
CBI अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा रैकेट भी होने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण अब अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। कोर्ट में पेशी के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को 1 जून तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।
CBI की एंटी करप्शन यूनिट इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और दस्तावेजों, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस मामले ने रेलवे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस तरह की गतिविधियां अन्य कोटों या भर्ती प्रक्रियाओं में भी हो रही थीं। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर भर्ती में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। CBI ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।