नंगे दौड़े प्रदर्शनकारी, खा रहे जेल की हवा

छग

Update: 2023-07-19 13:25 GMT
रायपुर। देश में शायद ऐसा पहला मामला सामने आया है की सरकार के समक्ष अपना विरोध जताने के लिए पूरी तरह नंगे हो कर प्रदर्शन किया, संभवत: छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में ऐसा प्रदर्शन पहली बार किया गया है. आइये जानें क्या है पूरा मामला, बता दें की छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार को ST-SC युवाओं ने पूरी तरह से नग्न होकर प्रदर्शन किया है. उन्होंने फर्जी जाति सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी नौकरी करने वालों के खिलाफ सरकार से कार्रवाई की मांग को लेकर नग्न प्रदर्शन किया. सभी प्रदर्शनकारी पूरी तरह नग्न होकर विधानसभा घेराव करने निकले, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
विधानसभा सत्र में शामिल होने जा रहे मंत्री रुद्रगुरु अनिला भेड़िया का काफिला गुजर रहा था उसी समय युवाओं ने नग्न प्रदर्शन किया है. इस विरोध-प्रदर्शन को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार की नाकामी करार दिया है. बता दें कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी करने का मामला गरमाया हुआ है. राज्य निर्माण के बाद कई सरकारी विभागों को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि उनके यहां कई गैर आरक्षित वर्ग के लोगों ने फर्जी जाति सर्टिफिकेट बनाकर सरकारी नौकरी हासिल की है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी में युवाओं ने पूरी तरह से नग्न होकर प्रदर्शन किया और विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश की। मंगलवार को ही छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हुआ था, मानसून सत्र के पहले ही दिन ST-SC युवाओं ने पूरी तरह से नग्न होकर प्रदर्शन किया है। हैरानी की बात ये है कि जिस वक्त ये युवा नग्न होकर प्रदर्शन कर रहे थे, उस दौरान मंत्री और विधायक का काफिला सामने से गुजर रहा था। इस प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरम हो गयी है। सरकार ने कहा है कि प्रदर्शन के नाम पर फूहड़ता की इजाजत नहीं दी जा सकती है। वहीं भाजपा ने इस मामले में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
युवाओं की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि फर्जी जाति सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी नौकरी करने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारी नग्न होकर विधानसभा घेराव करने निकले, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, देर शाम 29 प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया गया। विधानसभा सत्र में शामिल होने जा रहे मंत्री रुद्रगुरु अनिला भेड़िया का काफिला गुजर रहा था उसी समय युवाओं ने नग्न प्रदर्शन किया है। इस विरोध-प्रदर्शन को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार की नाकामी करार दिया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी करने का मामला गरमाया हुआ है। राज्य निर्माण के बाद कई सरकारी विभागों को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि उनके यहां कई गैर आरक्षित वर्ग के लोगों ने फर्जी जाति सर्टिफिकेट बनाकर सरकारी नौकरी हासिल की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट के आधार पर करीब 267 लोग सरकारी पदों पर बने हुए हैं। 3 साल पहले ही इन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी हुआ, लेकिन वे अब भी नौकरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई ही नहीं। युवाओं ने कहा कि वे इस मामले को लेकर कई बार विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं, आमरण अनशन तक कर चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार कोई कार्रवाई फर्जी कर्मचारियों पर नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए।
भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने मंगलवार को राजभवन मार्च किया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ हुए नग्न प्रदर्शन की घटना पर संज्ञान लेने की मांग की। ज्ञापन सौंपकर भाजपा विधायकों ने ये भी मांग रखी कि वैधानिक पहल करने और प्रदेश की सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। भाजपा विधायक दल ने कहा है कि विधानसभा मार्ग पर पूर्णतः नग्न प्रदर्शन की मंगलवार को हुई घटी इस घटना ने छत्तीसगढ़ को शर्मसार किया है। राज्यपाल से कहा गया, कांग्रेस सरकार की अकर्मण्यता के कारण युवाओं में उपजा आक्रोश नग्न प्रदर्शन की हद तक पहुंच गया। प्रदेश के युवाओं ने पूर्णत: नग्न होकर विधानसभा के रास्ते पर प्रदर्शन किया। यह दुर्भाग्यजनक घटना न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारत के इतिहास में ही अपनी तरह की अकेली घटना है।

भाजपा की ओर से कहा गया समाचारों के अनुसार इन युवाओं ने अपने इस प्रदर्शन की सूचना पहले ही शासन-प्रशासन को दे दी थी, बावजूद इसके शासन ने जरा-सी संवेदना दिखाने की जरूरत नहीं समझी। ये युवा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे उनका अधिकार छीने जाने का विरोध कर रहे थे। लेकिन इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया।
भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल हरिचंदन से निवेदन किया है कि इस संवेदनहीन सरकार को तत्काल बर्खास्त कर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाय। युवाओं की मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उसका शीघ्र निराकरण किया जाए व फर्जी प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ एफआईआर कराई जाए। नग्न प्रदर्शन करने वाले युवकों को अरेस्ट कर लिया गया है। भाजपा ने प्रदर्शनकारी युवाओं को तत्काल नि:शर्त रिहाई करने की मांग भी की है। भाजपा विधायक दल ने इस बात पर भी बल दिया है कि पूर्व सूचना होने के बावजूद इस दु:खद मामले की उपेक्षा करने वाले शासन-प्रशासन के लोगों की जिम्मेदारी तय हो और उन्हें भी दंडित किया जाए।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार को ST-SC युवाओं ने पूरी तरह से नग्न होकर प्रदर्शन किया है। उन्होंने फर्जी जाति सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी नौकरी करने वालों के खिलाफ सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध जताया है। प्रदर्शनकारी नग्न होकर विधानसभा घेराव करने निकले, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट के आधार पर करीब 267 लोग सरकारी पदों पर बने हुए हैं। 3 साल पहले ही इन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी हुआ, लेकिन वे अब भी नौकरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई ही नहीं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज राजधानी में कुछ युवाओं के नग्न प्रदर्शन को भाजपा का प्रायोजित कार्यक्रम बताते हुए कहा है कि भाजपा राज में ही फर्जी प्रमाण पत्र बना कर लोगों ने आरक्षित वर्ग के अधिकारों पर डाका डाला है। रमन सरकार उनका संरक्षण करती थी और कोई कार्रवाई नहीं की थी। कांग्रेस सरकार आने के बाद इस तरह के प्रकरणों कि जांच किया गया और कार्रवाई भी की गई। कुल 269 प्रकरणों पर कार्रवाई कि गयी। 40 लोगों को बर्खास्त किया गया। 16 लोग मृत और रिटायर हो चुके थे। 90 लोगों ने कोर्ट से स्टे ले लिया। 17 लोग के पक्ष में अदालत का फैसला आया। 4 लोगों कि छानबीन पुनः कि जा रही है। 102 लोगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रकियाधीन है। कांग्रेस सरकार पूरी तरह आरक्षित वर्ग के हितों के साथ ख़ड़ी है।
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