सड़क हादसे को लेकर प्रदर्शन, भीम आर्मी पदाधिकारियों सहित कई लोगो पर अपराध दर्ज
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Chilfi. चिल्फी। सड़क दुर्घटना के एक मामले को लेकर भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने थाना चिल्फी के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग लोरमी-पंडरिया रोड पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कैसे हुआ प्रदर्शन
मिली जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व भीम आर्मी लोरमी ब्लॉक अध्यक्ष सुमीत कोसले ने किया। उनके साथ महा सचिव सोन कुर्रे, संजीत बर्मन, संजू बंजारा, किशन, रघु बंजारे, रामनाथ कोशले, लव सतनामी, हरेशा बंजारा, विरेन्द्र धृतलहरे समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हाल ही में हुए एक सड़क हादसे में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में सभी ने मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
यातायात हुआ प्रभावित
चिल्फी थाना परिसर के सामने अचानक हुए इस चक्काजाम से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। कई घंटे तक लोग फंसे रहे। निजी वाहन चालकों से लेकर जरूरी काम से यात्रा कर रहे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर जाम की वजह से एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने स्थिति को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों पर अड़े रहकर जाम जारी रखा। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना चिल्फी में अपराध क्रमांक 120/2025 दर्ज किया। प्रदर्शनकारियों पर धारा 126(1), 190 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करना गंभीर अपराध है और इससे आम जनता की शांति भंग होती है।
कानून क्या कहता है
BNS की धारा 126(1): किसी सार्वजनिक स्थान या मार्ग पर अवरोध उत्पन्न करना, जिससे आम जनता की आवाजाही प्रभावित हो, दंडनीय अपराध है।
धारा 190: किसी वैध अनुमति के बिना जुलूस, धरना या प्रदर्शन करना और उससे सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करना अपराध माना जाता है।
आगे की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधि करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों ने भी प्रदर्शन के तरीके पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि न्याय की मांग करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने से आम जनता को परेशान करना गलत है। कई यात्रियों ने कहा कि घंटों जाम में फंसे रहने के कारण उनकी जरूरी मीटिंग और अपॉइंटमेंट छूट गई।