Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को बड़ी सौगात दी है। विभाग ने पात्र सहायक प्राध्यापकों को सह प्राध्यापक के पद पर पदोन्नत करने का आदेश जारी किया है। पदोन्नति के साथ ही संबंधित अधिकारियों की नवीन पदस्थापना भी निर्धारित कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत आने वाले शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को सह प्राध्यापक बनाया गया है। पदोन्नत अधिकारियों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नवीन पद पर पदस्थ किया जाएगा।
सह प्राध्यापक के पद पर पदोन्नत अधिकारियों को वेतन स्तर-18 बी के तहत 1 लाख 23 हजार 900 रुपये से 2 लाख 17 हजार 100 रुपये तक का वेतनमान मिलेगा। संबंधित अधिकारियों को पदोन्नति और पदस्थापना आदेश में निर्धारित चिकित्सा महाविद्यालय अथवा विभाग में कार्यभार ग्रहण करना होगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पदोन्नत अधिकारियों के लिए कार्यभार ग्रहण करने की समयसीमा भी तय की है। आदेश जारी होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की पदोन्नति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
इसके साथ ही समयसीमा के भीतर पदोन्नत पद पर ज्वाइनिंग नहीं देने वाले अधिकारी को आगामी एक वर्ष के लिए पदोन्नति प्रक्रिया से वंचित कर दिया जाएगा। विभाग ने आदेश में इस शर्त का स्पष्ट उल्लेख करते हुए अधिकारियों को समय पर नवीन पद का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। पदोन्नति आदेश के बाद संबंधित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों को अधिकारियों के कार्यमुक्त होने और नवीन पद पर कार्यभार ग्रहण करने से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करनी होगी। पदोन्नत अधिकारियों की ज्वाइनिंग के आधार पर ही उन्हें सह प्राध्यापक पद का वेतनमान और अन्य नियमानुसार लाभ मिल सकेंगे। शासन के इस निर्णय से शासकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सहायक प्राध्यापकों के सह प्राध्यापक बनने से चिकित्सा विद्यार्थियों के अध्यापन, विभागीय प्रबंधन, चिकित्सकीय प्रशिक्षण और शोध संबंधी गतिविधियों में उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। इससे मेडिकल कॉलेजों में वरिष्ठ शैक्षणिक पदों की उपलब्धता भी बेहतर हो सकेगी।
Tags: