विधानसभा भवन लोकार्पण की तैयारियां तेज़, वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने किया स्थल निरीक्षण
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान बनने जा रहा नवीन विधानसभा भवन अब अपने लोकार्पण के लिए पूरी तरह तैयार है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित इस भव्य भवन का निरीक्षण किया और तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से इस गौरवशाली भवन का लोकार्पण किया जाएगा। मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की हर व्यवस्था उच्च स्तर की हो और सुरक्षा, पार्किंग तथा अतिथियों के स्वागत से लेकर तकनीकी व्यवस्थाओं तक में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान और लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है।
नवा रायपुर में बनने वाला यह नवीन विधानसभा भवन वास्तुशिल्प के दृष्टिकोण से देश के सबसे आधुनिक और भव्य भवनों में गिना जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। भवन के डिजाइन में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की भावना को केंद्र में रखते हुए पारंपरिक कला, स्थानीय सामग्री और आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। राज्य को नवा रायपुर में एक नया विधान मंदिर प्राप्त होगा, जो आने वाले दशकों तक लोकतंत्र की मजबूती का केंद्र बनेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रतिनिधियों और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात, पार्किंग और सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत की जाए।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस प्रशासन और विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बताया गया कि लोकार्पण समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रीगण, सांसद, विधायक और हजारों नागरिक शामिल होंगे। इस दौरान भवन की संरचना और उसके निर्माण की विशेष झलक दर्शाने वाला एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के हाथों इस भवन का लोकार्पण होना छत्तीसगढ़ की जनता के लिए गौरव की बात है। यह भवन राज्य की नई दिशा, नई सोच और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प का प्रतीक बनेगा।