रायपुर में दुर्गा विसर्जन की तैयारी तेज, महादेवघाट में बनेगा विशेष कुंड
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी दुर्गा विसर्जन और दशहरा उत्सव को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी स्थित महादेवघाट के पाटन पुलिया के पास बनाए गए विशेष विसर्जन कुंड में किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। विसर्जन स्थल पर प्रकाश व्यवस्था, क्रेन, पेयजल, साफ-सफाई, लाउडस्पीकर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही दशहरा उत्सव के दौरान शहर के प्रमुख रावण दहन स्थलों पर भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
महादेवघाट में होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
नगर निगम द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार, इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी में सीधे नहीं किया जाएगा। इसके लिए महादेवघाट स्थित पाटन पुलिया के पास विशेष विसर्जन कुंड की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य खारून नदी के जल को प्रदूषण से बचाना और प्रतिमाओं का सुरक्षित एवं व्यवस्थित विसर्जन सुनिश्चित करना है। नगर निगम ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित विसर्जन कुंड का ही उपयोग करें और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें।
20 से 25 अक्टूबर तक तीन पालियों में ड्यूटी
दुर्गा विसर्जन की व्यवस्थाओं के लिए रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विसर्जन स्थल पर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी तीन पालियों में ड्यूटी करेंगे। प्रत्येक पाली आठ घंटे की होगी। यह व्यवस्था 20 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे तक लगातार जारी रहेगी। इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करेंगे।
विसर्जन स्थल पर क्रेन और लाइट की व्यवस्था
नगर निगम द्वारा विसर्जन कुंड पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इनमें पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, क्रेन, स्टेज, लाउडस्पीकर, पेयजल और साफ-सफाई प्रमुख हैं। प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही विसर्जन स्थल पर सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जिससे परिसर में गंदगी न फैले।
खारून नदी में सीधे मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी पर्यावरण संरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार, खारून नदी में सीधे प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जाएगा। विसर्जन से पहले मूर्तियों से फूल-माला, कपड़े और अन्य पूजन सामग्री अलग कर निर्धारित स्थान पर रखी जाएगी। इसके अलावा विसर्जन के बाद कुंड में बचने वाले मलबे, बांस-बल्लियों और अन्य सामग्रियों को 24 घंटे के भीतर बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था से जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और नदी की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
दशहरा उत्सव के लिए छह प्रमुख स्थानों पर तैयारी
नगर निगम ने 20 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित दशहरा उत्सव और रावण पुतला दहन के लिए भी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के रावणभाठा, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड स्थित स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास होने वाले आयोजनों के लिए संबंधित जोन कमिश्नरों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन सभी स्थानों पर साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित
दशहरा उत्सव और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति में अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, विभिन्न जोन के कमिश्नर और अभियंता स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति पंडाल, बिजली, माइक, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करेगी।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
दुर्गा विसर्जन और रावण दहन के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्ड और अग्निशमन दल को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सहयोग से यातायात व्यवस्था, रूट चार्ट और पार्किंग की योजना तैयार की गई है, ताकि प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति से बचा जा सके।
निगम ने शहरवासियों से की सहयोग की अपील
रायपुर नगर निगम ने शहरवासियों और दुर्गा उत्सव समितियों से निर्धारित विसर्जन स्थल का उपयोग करने तथा शासन और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करेंगी, ताकि दुर्गा विसर्जन और दशहरा उत्सव सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें।