बोरे-बासी दिवस पर सियासी बयानबाज़ी, सीएम साय ने कहा– गांवों में यह रोज का भोजन
छग
Raipur. रायपुर। रायपुर में कांग्रेस द्वारा बोरे-बासी दिवस मनाए जाने को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बोरे-बासी दिवस मनाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे रोजाना भोजन के रूप में खाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ लोग ऐसे आयोजनों के जरिए खुद को अधिक छत्तीसगढ़िया दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि बोरे-बासी यहां की परंपरा और दैनिक जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से किसी नई संस्कृति का निर्माण नहीं होता, बल्कि यह पहले से मौजूद परंपरा का ही एक हिस्सा है।
इसी बीच राज्य में आज से ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत भी हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि यह अभियान 10 जून तक चलेगा, जिसके तहत प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। सीएम ने कहा कि इस दौरान वे स्वयं और अन्य जनप्रतिनिधि भी शिविरों में शामिल होंगे और लोगों से सीधे संवाद करेंगे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए।
सरकार का दावा है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन को जनता के और करीब लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। वहीं राजनीतिक हलकों में बोरे-बासी दिवस को लेकर दिए गए मुख्यमंत्री के बयान को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर बहस की स्थिति बन गई है। प्रदेश में सांस्कृतिक आयोजनों और सरकारी अभियानों के बीच यह बयानबाज़ी एक बार फिर सियासी माहौल को गर्म कर रही है।