Raipur. रायपुर। रेलवे स्टेशन रायपुर में आज शाम 06:00 बजे कमिश्नरेट डीसीपी सेंट्रल जोन की टीम ने आरपीएफ एवं जीआरपी के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास संभावित आपात परिस्थितियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था, सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के उद्देश्य से किया गया। मॉक ड्रिल की शुरुआत कंट्रोल रूम को प्राप्त गोपनीय सूचना से हुई। सूचना में बताया गया था कि एक संदिग्ध व्यक्ति स्टेशन परिसर में संदिग्ध सामग्री रखकर मौजूद हो सकता है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने तत्काल आरपीएफ कंट्रोल रूम को सूचित किया और फायर ब्रिगेड तथा एम्बुलेंस को अलर्ट पर रखा। इसके साथ ही एसीपी कोतवाली श्री दीपक मिश्रा और असिस्टेंट कमांडेंट आरपीएफ श्री वी.सी. लांजीवाल को मौके पर बुलाया गया।
एडिशनल डीसीपी (मध्य जोन) श्री तारकेश्वर पटेल के नेतृत्व में स्टेशन के बाहर आरपीएफ थाना के समीप कमांड पोस्ट स्थापित किया गया और समूचे ऑपरेशन का संचालन किया गया। पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म्स की सघन जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। चार प्रमुख एंट्री एवं एग्जिट प्वाइंट्स को नियंत्रित करने के लिए सशस्त्र बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई। मॉक ड्रिल में बम डिस्पोजल स्क्वॉड को भी शामिल किया गया। टीमों ने संदिग्ध वस्तु की खोज और निष्प्रभावीकरण के लिए स्टेशन परिसर में तलाशी अभियान चलाया। टीमों ने समन्वित और चरणबद्ध तरीके से पूरे स्टेशन का निरीक्षण किया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
इस दौरान आरपीएफ निरीक्षक दिलीप बस्तिया, उप निरीक्षक ए.जेड. चौधरी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक दीपक पासवान, थाना प्रभारी आरपीएफ, थाना प्रभारी जीआरपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और आरपीएफ-जीआरपी के जवान उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई की तैयारियों का सफल परीक्षण किया गया। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि भविष्य में किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में रेलवे स्टेशन रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं सक्षम रहेगी।
डीसीपी सेंट्रल जोन ने बताया कि यह अभ्यास यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया को तेज करने और स्टेशन परिसर में किसी भी तरह की संभावित घटना से निपटने की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास नियमित अंतराल पर किए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और कर्मचारियों की तत्परता बढ़ती रहे। रेलवे अधिकारियों ने भी मॉक ड्रिल की सफलता की पुष्टि की और बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए समन्वय और टीमवर्क अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी टीमों ने पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ कार्रवाई की और सभी संभावित खतरों का समय रहते सामना किया। इस मॉक ड्रिल ने रेलवे स्टेशन रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था, टीम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने में मदद की है। यात्रियों और अधिकारियों के लिए यह एक जागरूकता और सुरक्षा प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण अवसर भी रहा।