Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला न्यायालय परिसर में आम नागरिकों की सुविधा के लिए पुलिस सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) शुरू किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से न्यायालय आने वाले पक्षकारों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों को पुलिस संबंधी सेवाओं, कानूनी प्रक्रियाओं और आवश्यक मार्गदर्शन की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। 6 नवंबर 2026 को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में इस सहायता केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया।
पुलिस सहायता
केंद्र का शुभारंभ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री शेख अशरफ प्रथम, कलेक्टर अभिजीत सिंह और उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने फीता काटकर किया। इस पहल का उद्देश्य न्यायालय परिसर में आने वाले नागरिकों को आवश्यक जानकारी और सहायता आसानी से उपलब्ध कराना है।

FIR से लेकर सम्मन-वारंट तक की मिलेगी जानकारी
जिला न्यायालय परिसर में शुरू किए गए इस हेल्प डेस्क के माध्यम से नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें एफआईआर की प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया, सम्मन और वारंट से संबंधित जानकारी, पुलिस सत्यापन तथा ई-फाइलिंग की प्रक्रिया शामिल है। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी लोगों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे उन नागरिकों को विशेष मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती और छोटी-छोटी जानकारियों के लिए अलग-अलग कार्यालयों या अधिकारियों के पास जाना पड़ता है।

महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी विशेष सुविधा
न्यायालय परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग मामलों के सिलसिले में पहुंचते हैं। इनमें महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और ऐसे लोग भी शामिल होते हैं, जिन्हें पुलिस एवं न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी लेने में कठिनाई होती है। ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए सहायता केंद्र की स्थापना की गई है। अब नागरिक एक ही स्थान पर पुलिस से संबंधित आवश्यक जानकारी और प्रक्रियाओं का मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। इससे न्यायालय परिसर में उनकी भागदौड़ कम होगी और समय की बचत भी हो सकेगी।

न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
पुलिस सहायता केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम में कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी, चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुनीता टोप्पो, अष्टम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम सिंह मरकाम और नवम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंकज दीक्षित शामिल थे। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार भागवतकर, तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश एवं प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी वीरेन्द्र सिंह, चतुर्दश व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पंकज शर्मा और पंचदश व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी आयुष ताम्रकार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी हुए शामिल
कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के अध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा, सचिव रविशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष साकेत मिश्रा और सदस्य रविशंकर मानिकपुरी भी शामिल हुए। इनके साथ पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा अधिवक्तागण भी मौजूद रहे।

न्यायालय परिसर में नागरिक सुविधाओं को मिलेगी नई दिशा
पुलिस सहायता केंद्र शुरू होने से न्यायालय आने वाले लोगों को पुलिस संबंधी जानकारी और
विधिक सहायता
की प्रक्रिया समझने में सुविधा मिलेगी। खासकर ऐसे लोगों के लिए यह केंद्र उपयोगी साबित हो सकता है, जो पहली बार किसी न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ रहे हैं। इस पहल से न्यायालय परिसर में पुलिस सहायता को अधिक सहज और सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। अब लोगों को एफआईआर, पुलिस सत्यापन, सम्मन-वारंट और निःशुल्क कानूनी सहायता जैसी जानकारियों के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकने की जरूरत नहीं होगी।
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