PM श्री शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 आईआईटी भिलाई में संपन्न

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Update: 2026-04-02 13:17 GMT
Durg. दुर्ग। जिले के पीएम श्री विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आईआईटी भिलाई में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार और अनुभव आधारित (एक्सपीरिएंशियल) तरीके से पढ़ाने की तकनीक से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में शिक्षकों को गतिविधि-आधारित और व्यावसायिक (वोकेशनल) शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिला। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को विभिन्न आधुनिक विषयों में ट्रेनिंग दी गई, जिनमें
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प्रोग्रामिंग, एनिमेशन, डेटा साइंस, मेक्ट्रोनिक्स और प्राकृतिक खेती शामिल हैं। इसके अलावा, आईआईटी भिलाई द्वारा विकसित शिक्षा सारथी सॉफ्टवेयर पर भी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें नई तकनीकों और टूल्स की समझ विकसित करने में मदद मिली।

इस ट्रेनिंग कार्यक्रम का मकसद शिक्षकों को 21वीं सदी के शिक्षण और सीखने की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। इसमें जटिल समस्याओं का समाधान (कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग), आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग), रचनात्मकता (क्रिएटिविटी), समन्वय (कोऑर्डिनेशन), भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलिजेंस) और मानसिक लचीलापन (रेजिलिएंस) जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे के शिक्षण तरीकों से सीखने को प्रोत्साहित किया गया। इस प्रशिक्षण में रीइन्फोर्समेंट लर्निंग तकनीक का भी उपयोग किया गया, जिससे शिक्षक सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के नए तरीके सीख सकें।

आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को डिजिटल और व्यावहारिक शिक्षा के विभिन्न उपकरणों से परिचित कराया। इसके अलावा, उन्हें सीखने की प्रक्रिया को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए गतिविधियों और प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण की विधियों पर मार्गदर्शन दिया गया। इस तरह का प्रशिक्षण शिक्षकों को छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार पढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने में मदद करेगा। अंत में, कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी और प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उन्हें नई तकनीकों, टूल्स और गतिविधियों के माध्यम से सीखने और पढ़ाने के बेहतर तरीके सीखने का अवसर मिला। भविष्य में वे इसे अपने विद्यालयों में लागू कर छात्रों के सीखने के अनुभव को और समृद्ध बनाएंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने शिक्षकों को न केवल नई तकनीकों से अवगत कराया, बल्कि उन्हें भविष्य के शिक्षण के लिए तैयार करने और छात्रों को 21वीं सदी के कौशल सिखाने के लिए प्रेरित किया।
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