रायपुर :  छत्तीसगढ़ में गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन के तहत पिछले तीन वर्षों में 6,836.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार ने एकल-ग्राम और बहु-ग्राम जल आपूर्ति योजनाओं के साथ जल गुणवत्ता परीक्षण तथा अन्य संबंधित कार्यों के लिए यह राशि जारी की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के कार्यकाल में भी मिशन के अंतर्गत वित्तीय आवंटन और भुगतान प्रक्रिया जारी है। जल जीवन मिशन के राज्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न योजनाओं और कार्यों के भुगतान के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में एकल-ग्राम योजनाओं के लिए 612 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिसमें से अब तक 162.46 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
तीन वर्षों में 6,836 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाएं संचालित हैं। राज्य कार्यालय के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में मिशन के तहत कुल 6,836.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें सबसे अधिक राशि एकल-ग्राम जल आपूर्ति योजनाओं के लिए दी गई है। इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 4,985.35 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। वहीं, बहु-ग्राम जल आपूर्ति योजनाओं के लिए 1,690.94 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
गांवों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने पर जोर
जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन, जल वितरण व्यवस्था, जल स्रोतों का विकास और घरेलू नल कनेक्शन से संबंधित कार्य किए जाते हैं। एकल-ग्राम योजनाएं सामान्यतः किसी एक गांव की जलापूर्ति आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जाती हैं। वहीं, बहु-ग्राम योजनाओं के जरिए एक ही जलापूर्ति प्रणाली से कई गांवों को जोड़ा जा सकता है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता को बेहतर बनाना है। हालांकि, वित्तीय भुगतान के आंकड़े अपने आप में सभी योजनाओं के पूर्ण होने या हर घर में नियमित जलापूर्ति शुरू होने का प्रमाण नहीं हैं।
चालू वित्तीय वर्ष में 612 करोड़ का आवंटन
जल जीवन मिशन के अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में एकल-ग्राम योजनाओं के लिए 612 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। इसमें से अब तक 162.46 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। शेष राशि से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार जारी है। विभाग का कहना है कि उपलब्ध वित्तीय आवंटन के अनुरूप योजनाओं से जुड़े भुगतानों को संसाधित किया जा रहा है। इससे संबंधित परियोजनाओं की वित्तीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
जल गुणवत्ता जांच के लिए भी राशि जारी
पेयजल की उपलब्धता के साथ उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी जल जीवन मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य कार्यालय के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में जल गुणवत्ता जांच से संबंधित कार्यों के लिए 24.04 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी प्रकार सपोर्ट मद के तहत 136.18 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। जल गुणवत्ता परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने में सहायता करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराए जाने वाले पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
भाजपा सरकार के सामने मिशन के अधूरे कार्य पूरे करने की चुनौती
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल जीवन मिशन की वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं। हालांकि, योजना के क्रियान्वयन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। जुलाई 2026 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में राज्य में मिशन की योजना निर्माण प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, गुणवत्ता निगरानी और क्रियान्वयन से संबंधित कमियों का उल्लेख किया गया था। इसलिए सरकार के सामने भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ लंबित कार्यों को पूरा करने और ग्रामीण परिवारों तक नियमित तथा गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की चुनौती भी है।
जल जीवन मिशन 2.0 से आगे बढ़ेगी ग्रामीण पेयजल व्यवस्था
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया है। इसके तहत केवल बुनियादी ढांचा तैयार करने के बजाय विश्वसनीय जलापूर्ति और जल सेवाओं की दीर्घकालिक व्यवस्था पर जोर दिया गया है। मिशन के नए चरण में जल गुणवत्ता निगरानी, ग्राम पंचायतों की भागीदारी, संचालन एवं रखरखाव तथा वित्तीय पारदर्शिता को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। छत्तीसगढ़ में भी इन उद्देश्यों के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी होगा।
सभी ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है योजना
जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की पेयजल जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। इसका लाभ पात्र ग्रामीण परिवारों को योजना के निर्धारित मानकों और कार्यक्षेत्र के अनुसार मिलता है। इसका उद्देश्य किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है। सरकार द्वारा जारी वित्तीय जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि पिछले तीन वर्षों में परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि का भुगतान हुआ है। हालांकि, वास्तविक उपलब्धियों का आकलन पूर्ण हुई योजनाओं, कार्यशील नल कनेक्शन और नियमित पेयजल आपूर्ति के आधार पर किया जाना आवश्यक है।  
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