ओवररेटिंग...एक और शराब घोटाले की साजिश

Update: 2026-04-06 06:14 GMT

ओवररेट पर शराब बिक्री कर साय सरकार को बदनाम करने के पीछे कौन?

एक्सपायरी शराब सिलतरा गोदाम से खुलेआम बिक रही, कैमरा खराब कर गोदाम प्रभारी व कर्मचारी कर रहे काले कारनामा

ट्रांसपोर्टर और कुछ श्रमिकों की मिलीभगत से सिलतरा गोदाम प्रभारी बैगेज दिखाकर माफियाओं को शराब बिक्री कर रहे

भाजपा सरकार को बदनाम करने का नया प्लान- शराब घोटाले के मास्टर माइंड फिर से सक्रिय

निर्धारित दर से अधिक वसूली का आरोप, शासकीय दुकानों में नियमों की अनदेखी

भ्रष्ट आबकारी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल, जांच की मांग तेज

ओवररेट शराब बिक्री रोकने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग, बर्खास्त हुए कर्मचारी फिर से शराब दुकानों में तैनात

पूर्व शराब घोटाले के मु य कर्ता-धर्ता अधिकारी-कर्मचारी सरकार को बदनाम करने की नियत से पुराना सिस्टम ही लागू कर नए शराब घोटाले की शुरुआत की

रायपुर (जसेरि)। छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग (प्रिंट रेट से अधिक दाम) और अवैध बिक्री एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, जिस पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। बावजूद कुछ कमीशनखोरी में लिप्त अधिकारियों और शराब माफिया के मिलीभगत से ओवररेटिंग, एक्सपायरी और मिलावटी शराब की बिक्री निर्बाध रूप से जारी है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान अधिकारियों और शराब कारोबारियों ने एक सिंडीकेट बनाकर नकली होलोग्राम और ओवर रेटिंग के जरिए बड़े पैमाने पर अनियमितता की जिसकी जांच ईडी और ईओडबल्यू कर रही है। इस घोटाले में पूर्व सीएम के बेटे व तत्कालिन आबकारी मंत्री समेत कई आईएएस, आबकारी अधिकारी और शराब कारोबारी गिर तार भी हुए और जमानत से पहले कई-कई महीने तक जेल में रहे। इसके बावजूद वर्तमान सरकार के दौर में भी ओवररेट और मिलावटी शराब बेचने का सिलसिला थमा नहीं हैं। कमीशनखोर अधिकारी शराब दुकानों में ओवररेट पर शराब बिक्री करवा रहे हैं वहीं शराब माफिया एक्सपायरी बोतलों के शराब नए बोतलों में भरकर दुकानों में सप्लाई कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वर्तमान सरकार को बदनाम करने एक और शराब घोटाले की बुनियाद रखी जा रही है ताकि कांग्रेस सरकार की ही तरह वर्तमान सरकार को भी बदनाम किया जा सके। पिछले साल राजधानी के लालपुर स्थित शराब दुकान के कुछ सेल्समेन को ओवररेट पर बिक्री के मामले में गिर तार किया गया था। हालाकि इन सेल्समेनों ने अपने खिलाफ कार्रवाई को षडयंत्र बताते हुए अपने ऊपर के अधिकारियों को इसके लिए जि मेदार बताये थे। बिते साल विधानसभा में हंगामे के बाद, प्रशासन ने 57 कर्मचारियों को बर्खास्त किया और प्लेसमेंट एजेंसी की जांच के आदेश दिए थे। अवैध बिक्री या ओवररेटिंग की शिकायत के लिए आबकारी विभाग का टोल-फ्री नंबर 14405, हेल्प डेस्क 07712439600 या व्हाट्सएप नंबर 9424102102 भी जारी किया हुआ है बावजूद ओवररेटिंग और मिलावटी शराब बेचने पर अंकुश नहीं लगा है।

एमजी रोड स्थित शराब दुकान में ओवररेट बिक्री के आरोप : राजधानी के एमजी रोड स्थित कादर चौक के शराब भट्टी में शराब की ओवररेट बिक्री का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि यहां निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, भट्टी में कार्यरत मैनेजर सुरेश पाटले पर मनमाने तरीके से शराब की कीमत बढ़ाकर बेचने का आरोप है। ग्राहकों का कहना है कि 120 रुपये की गोवा शराब को 130 रुपये में और 200 रुपये की शराब को 220 रुपये में बेचा जा रहा है। इस तरह हर बोतल पर अधिक राशि वसूली जा रही है। जनता से रिश्ता ने पहले भी शराब बिक्री के ओवररेट पर समाचार प्रकाशित किया था। वही इस बार एक पाठक ने इस वीडियो को जनता से रिश्ता को व्हाट्सअप में भेजकर शिकायत दर्ज कराया है कि अवैध वसूली शराब बिक्री के नाम पर बंद की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से जारी है। कई बार ग्राहकों ने इस संबंध में शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे भट्टी संचालकों के हौसले और बढ़ गए हैं। ग्राहकों ने यह भी बताया कि जब वे अधिक कीमत को लेकर सवाल करते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। कई बार उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है या टालमटोल किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। इस मामले को लेकर आबकारी विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारी को कई बार फोन के माध्यम से शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब जि मेदार अधिकारी ही शिकायतों पर ध्यान नहीं देंगे, तो आम जनता अपनी समस्या किसके सामने रखेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ स त कार्रवाई की जाए। इस घटना ने शहर में शराब बिक्री व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो उपभोक्ताओं का शोषण जारी रहेगा। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि दारू भट्टी में निर्धारित मूल्य सूची को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराया जाए और नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी ओवररेट बिक्री न हो। फिलहाल, मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी का माहौल है और लोग जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हथबंद और हिरमी के शासकीय शराब दुकानों में ओवररेट में बिक रही शराब : बलौदाबाजार-भाटापारा में शासकीय शराब दुकानों को लेकर एक बार फिर उपभोक्ताओं की नाराजग़ी सामने आई है। ग्राम हथबंद और हिरमी स्थित सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री, यानी ओवररेटिंग, के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में स्थानीय उपभोक्ताओं और ग्रामीणों द्वारा आबकारी विभाग को शिकायत आवेदन सौंपे जाने की जानकारी मिली है, जिसमें तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक एवं विधिस मत कार्रवाई की मांग की गई है। हथबंद और हिरमी के शासकीय शराब दुकानों में अवैध रूप से वसूली कर महंगे दामों में शराब को बेचीं जा रही है। आसपास के ग्रामीण जनता ऊंचे दर में शराब के दुकान में शराब बेचे जाने की शिकायत गृह मंत्री और आबकारी मंत्री और जि़ले के आबकारी अधिकारियों की है ग्रामीणों में रोष भारी ग़ुस्सा है शासकीय दरों में जो शासकीय शराब दुकान से बिकना चाहिए। उसका अधिक मूल्य वसूला जा रहा है। शासन के नियम के अनुसार अधिक रेट वसूलना अवैध है, फिर भी शराब दुकान को संचालित करने वाले संस्था के कर्मचारी सास के नियम को दरकिनार करते हुए गऱीब जनता से शराब में मुनाफ़ाख़ोरी कर अधिक रेट में शराब की बिक्री कर रहे हैं जिसकी शिकायत अब कार्यमंत्री और जि़ले के कलेक्टर और अब कार्याधिकारी को ग्रामीणों द्वारा लिखित शिकायत द्वारा दी गई।

आबकारी अधिकारी बना रहा ओवररेटिंग का दबाव : एक शिकायत के अनुसार आबकारी विभाग रायपुर में पदस्थ एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी अपने ड्राइवर जो शास्त्री बाजार मदिरा दुकान में सेल्समेन भी है के द्वारा मदिरा दुकान के कर्मचारियों पर ओवररेटिंग करने का आरोप लगाकर नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर मोटे पैसों की मांग की जा रही है और दबाव पूर्वक वसूली की जा रही है। अधिकारी के शह पर ड्रायवर पैसों की डिमांड करता है ना देने पर धमकी और गुंडागर्दी करता है। उक्त अधिकारी गोदाम प्रभारी भी है वहां प्रति पेटी वसूली होने की भी खबर है। उक्त अधिकारी पर पूर्व पदस्थ स्थान पर भी मिलावटी शराब बिकवाने और पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लग चुके हैं ।दुकान के कर्मचारी वैसे ही वेतन में कटौती को लेकर अपना घर परिवार चलाने में असमर्थ है और नौकरी ना चले जाने के दबाव में इनकी जेबे भरने के लिए ओवररेट करने को मजबूर है जिसके कारण इन्हें अपनी नौकरी से निकाल दिया जाता है। इससे यह साफ पता चलता है कि अधिकारियों की शह और दबाव पर ही सेल्समेन ओवररेट पर शराब बेचते हैं ऐसे में अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

पिछले साल 57 कर्मचारी बर्खास्त, ब्लैक लिस्टेट भी हुए : पिछले साल राजधानी रायपुर में शराब की ओवर रेटिंग पर बड़ी कार्रवाई हुई. इस मामले में 57 कर्मचारियों को बर्खास्त करते हुए ब्लैक लिस्टेड किया गया. ये कार्रवाई रायपुर जिले की अलग-अलग मदिरा दुकानों पर हुई।

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