Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौम्या चौरसिया और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट मिल गई हैं, जिन्हें जांच में अहम सबूत के तौर पर देखा जा रहा है। इन चैट्स के आधार पर अब शराब घोटाले की जांच को नई दिशा मिलने की संभावना है। जांच में सामने आया है कि सौम्या चौरसिया ने लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल को लेकर अनिल टुटेजा से शिकायत की थी। ईडी ने बताया कि ये डिजिटल बातचीत पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ पेश किए गए चालान का हिस्सा थीं। इन चैट्स से घोटाले से जुड़े प्रमुख किरदारों, आपसी संपर्क और लेन-देन की कड़ियों को समझने में मदद मिली है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी अब इन साक्ष्यों के आधार पर और अधिक लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। आज विशेष अदालत ने सौम्या चौरसिया को दो दिन की कस्टोडियल रिमांड पर ED को सौंपा है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि आर्थिक लेन-देन, हवाला नेटवर्क और डिजिटल साक्ष्य की गहन पड़ताल के लिए कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे सौम्या चौरसिया को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का मामला
ED के अनुसार, यह मामला करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने शराब नीति में बदलाव कर चुनिंदा कंपनियों को लाभ पहुंचाया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह बनाई गईं कि केवल कुछ ही कंपनियों को काम मिल सके। जांच में यह भी सामने आया कि इन कंपनियों ने नोएडा की एक फर्म के जरिए नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाए। इन नकली होलोग्राम वाली महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों से बेचा गया। नकली होलोग्राम के कारण बिक्री की जानकारी शासन प्रणाली में दर्ज नहीं हो सकी और बिना एक्साइज टैक्स के शराब बेची गई। इससे राज्य सरकार को लगभग 2165 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
115 करोड़ रुपये सौम्या तक पहुंचे
ED के रिमांड आवेदन में दावा किया गया है कि शराब घोटाले से जुड़ी लगभग 115 करोड़ रुपये सौम्या चौरसिया तक लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से पहुंचे। इसके अलावा आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव के पूछताछ में सामने आया कि घोटाले की लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि हवाला के जरिए इधर-उधर की गई।
कोयला घोटाले की डायरी बनी आधार
ED ने अदालत को बताया कि कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली एक डायरी को शराब घोटाले में साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया। इसमें कोयला घोटाले के लेन-देन के अलावा शराब घोटाले से जुड़े लगभग 43 करोड़ रुपये का जिक्र था। डायरी में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के नाम भी उल्लिखित थे।
सौम्या चौरसिया के वकील ने उठाए सवाल
ED का दावा है कि करीब 70 करोड़ रुपये नकद हवाला के जरिए सौम्या चौरसिया के कहने पर इधर-उधर किए गए। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील हर्षवर्धन परघनिया ने अदालत में तर्क दिया कि कथित हवाला करने वाले व्यक्ति अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी एक ही डायरी के आधार पर अलग-अलग मामलों को जोड़ रही है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
पहले भी जेल जा चुकी हैं सौम्या चौरसिया
सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला मामले में भी प्रमुख आरोपी माना गया था। मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर उन्हें और छह अन्य आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया था। उस समय अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश दिए थे।
अब तक कई बड़े नाम गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, चैतन्य बघेल, अनिल टुटेजा और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर समेत कई बड़े नाम गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। यह खुलासा छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शराब घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। ED ने डिजिटल साक्ष्यों, हवाला लेन-देन और नकली होलोग्राम से जुड़े तथ्यों को उजागर करते हुए घोटाले में शामिल कई उच्च पदस्थ अधिकारियों और व्यापारियों की भूमिका को सामने लाने का प्रयास किया है।