बरमकेला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही सरसों की खेती, कलेक्टर ने किया निरीक्षण
छग
Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शनिवार को बरमकेला ब्लॉक के ग्राम खपरापाली और तोरना में सरसों की रबी फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ संवाद करते हुए उनकी मेहनत और खेती के प्रयास की सराहना की। कलेक्टर ने किसानों से जानकारी प्राप्त की कि वे पिछले तीन वर्षों से रबी सीजन में सरसों की खेती कर रहे हैं। खपरापाली में कुल 50 बड़े किसान और 30 मध्यम किसान लगभग 250 एकड़ भूमि में सरसों की खेती कर रहे हैं। इसके अलावा, झनकपुर, पुरैना और लोधिया जैसे आसपास के गांवों के किसान भी बड़ी संख्या में सरसों की खेती में लगे हुए हैं।
विशेष रूप से खपरापाली के किसान टेकचंद ने 10 एकड़, डोलनारायण और दौलतराम साहू ने 7-7 एकड़ और राजाराम पटेल ने 20 एकड़ भूमि में सरसों की खेती की है। किसानों और मैदानी कृषि अधिकारियों ने कलेक्टर को रबी फसल के दौरान अपनाई जा रही कृषि पद्धतियों और उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने निर्देश दिए कि सभी मैदानी कृषि अधिकारी किसानों के साथ चौपाल आयोजित करें और उन्हें रबी सीजन में धान तथा अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों के अंतर, उनके लाभ और हानि के बारे में विस्तार से जानकारी दें। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक मात्रा में धान के स्थान पर दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और भूमि की उपजाऊ क्षमता बनी रहे।
इस अवसर पर किसान दौलतराम साहू, डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, मैदानी कृषि अधिकारी जयप्रकाश गुप्ता, नीलेश राव, बसंत नायक, पुरूषोत्तम भारती और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने किसानों से बातचीत के दौरान उनके सुझाव और अनुभव भी सुने और उन्हें कृषि संबंधी नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य किसानों को कृषि विकास के प्रति जागरूक करना और उन्हें रबी सीजन में बेहतर फसल उत्पादन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन किसानों के साथ लगातार संवाद और मार्गदर्शन करता रहेगा ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और कृषि क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके। खपरापाली और तोरना के किसानों ने कलेक्टर की इस पहल की सराहना की और कहा कि अधिकारियों के मार्गदर्शन से उन्हें बेहतर फसल उत्पादन और कृषि तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर यह निरीक्षण किसानों को प्रोत्साहित करने, कृषि तकनीकियों और फसल विविधीकरण के महत्व को समझाने के उद्देश्य से सफल रहा।