Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के लाभांडी क्षेत्र में सार्वजनिक सड़क पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने का मामला सामने आया है। रोमेनस्क्यू विला के सामने स्थित मुख्य मार्ग पर बनाए गए चार्जिंग स्टेशन को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सार्वजनिक सड़क पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
सार्वजनिक सड़क पर चार्जिंग स्टेशन लगाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, लाभांडी क्षेत्र में रोमेनस्क्यू विला के ठीक सामने स्थित मार्ग पर EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है। आरोप है कि यह सड़क सार्वजनिक उपयोग की है और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। इस मामले में आशीष जैन नामक व्यक्ति पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित कराने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, चार्जिंग स्टेशन के लिए संबंधित विभागों से अनुमति ली गई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि चार्जिंग स्टेशन सार्वजनिक सड़क की भूमि पर बनाया गया है, तो नगर निगम द्वारा अब तक इसकी जांच और कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
निगम अधिकारियों को धमकाने का भी आरोप
मामले में सूत्रों के हवाले से यह दावा भी किया जा रहा है कि चार्जिंग स्टेशन से जुड़े व्यक्ति ने नगर निगम अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोप है कि अधिकारियों को स्थानांतरण कराने की धमकी भी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों या आरोपित व्यक्ति का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में आवश्यक है कि नगर निगम प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करे।
आपातकालीन सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका
इस चार्जिंग स्टेशन को लेकर सबसे बड़ी चिंता सड़क की चौड़ाई और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को लेकर जताई जा रही है। आशंका है कि यदि चार्जिंग के लिए आने वाले वाहन सड़क पर खड़े होते हैं, तो मार्ग संकरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में आग लगने या किसी चिकित्सकीय आपातकाल के दौरान दमकल वाहन और एम्बुलेंस को निकलने में परेशानी हो सकती है। आसपास के आवासीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क पर उपलब्ध जगह और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ते की जांच आवश्यक मानी जा रही है।
यातायात व्यवस्था बिगड़ने की चिंता
चार्जिंग स्टेशन के संचालन से मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। यदि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और पार्किंग सड़क पर होती है, तो अन्य वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से संकरी सड़क पर एक साथ कई वाहन खड़े होने से यातायात बाधित होने और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
आवासीय क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर सवाल
आवासीय क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने को लेकर विद्युत सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आवासीय क्षेत्रों में EV चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सार्वभौमिक प्रतिबंध नहीं है। ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए लागू भूमि उपयोग, विद्युत सुरक्षा, पार्किंग और अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन आवश्यक है। इसलिए संबंधित विभागों को जांच करनी चाहिए कि चार्जिंग स्टेशन के लिए आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
नगर निगम की कार्रवाई का इंतजार
लाभांडी में सामने आए इस मामले ने सार्वजनिक सड़कों पर संभावित अतिक्रमण और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन स्थल का निरीक्षण कर चार्जिंग स्टेशन की वैधता स्पष्ट करता है या नहीं। यदि जांच में सार्वजनिक सड़क पर अवैध कब्जा या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
वर्ज़न
सोसायटी की जमीन पर हमने EV चार्जिंग स्टेशन बनाया है मेरी बात ज़ोन 9 के कमिश्नर से हो गई है।
आशीष जैन, EV चार्जिंग स्टेशन संचालक
मुझे अभी 2 से 3 दिन ही हुए है कार्यभार संभालते हुए और मेरी किसी आशीष जैन से बात नहीं हुई है। इस मामलें में नोटिस भेजा गया है।
हितेंद्र यादव, ज़ोन 9 कमिश्नर