Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भाजपा विधायक रिकेश सेन ने अपनी शासकीय सुरक्षा में कटौती करने की पहल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर अपनी सरकारी सुरक्षा कम करने का अनुरोध किया है। विधायक के इस फैसले के पीछे भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की सादगीपूर्ण जीवनशैली और कार्यशैली से मिली प्रेरणा बताई जा रही है। रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा है कि वे स्मृति ईरानी के विचारों और जनता के प्रति उनके समर्पण से प्रभावित हैं। उन्होंने इसी सोच को अपनाते हुए अपनी सुरक्षा व्यवस्था में कटौती कराने का फैसला लिया है।
स्मृति ईरानी की सादगी से प्रभावित हुए विधायक रिकेश सेन
जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने निर्णय की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि स्मृति ईरानी की सादगी और कार्यकर्ताओं के प्रति उनका दृष्टिकोण उन्हें प्रभावित करता है। विधायक के मुताबिक, स्मृति ईरानी का संदेश है कि भाजपा का कार्यकर्ता जनता की ताकत से आगे बढ़ता है। जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक तामझाम से दूर रहकर जनता की सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसी विचार से प्रेरित होकर रिकेश सेन ने अपनी शासकीय सुरक्षा कम कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सुरक्षा घटाने की मांग
भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अपनी सरकारी सुरक्षा में कटौती करने का अनुरोध किया है। उनका यह कदम सार्वजनिक जीवन में सादगी अपनाने की पहल के रूप में सामने आया है। हालांकि, विधायक की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था में कितने जवान तैनात हैं और उन्होंने कितनी सुरक्षा कम करने की मांग की है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सुरक्षा में कटौती को लेकर किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि भी नहीं हुई है।
स्मृति ईरानी ने नेताओं को दिया था सादगी का संदेश
भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने अपने हालिया प्रदेश दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को सादगी अपनाने तथा जनता से सीधा संपर्क बनाए रखने का संदेश दिया था। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए काम करने पर जोर दिया। स्मृति ईरानी के इसी संदेश को विधायक रिकेश सेन के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
जनता के बीच रहकर काम करने पर जोर
रिकेश सेन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वे स्मृति ईरानी की कार्यशैली से प्रेरित होकर यह कदम उठा रहे हैं। उनकी इस पहल के बाद जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन में सादगी को लेकर चर्चा शुरू हो सकती है। हालांकि, किसी भी जनप्रतिनिधि की शासकीय सुरक्षा में बदलाव का निर्णय संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा खतरे के आकलन और निर्धारित प्रक्रियाओं के आधार पर लिया जाता है। फिलहाल रिकेश सेन ने मुख्यमंत्री से सुरक्षा कम करने का अनुरोध किया है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस पत्र पर क्या निर्णय लेती है।