Raipur. रायपुर। नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज शहर के विभिन्न गौठानों का औचक निरीक्षण कर वहां गौवंश के रखरखाव, साफ-सफाई, चारा-पानी, स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महापौर ने फुंडहर, अटारी, गोकुलधाम, गोकुल नगर एवं जरवाय गौठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फुंडहर गौठान में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक गौवंश पाए जाने पर महापौर मीनल चौबे ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। गौठान की क्षमता लगभग 260 गौवंश की है, जबकि मौके पर लगभग 560 गौवंश पाए गए। इस पर महापौर ने अधिकारियों से स्पष्ट सवाल किया।
“जब गौठान की क्षमता 260 गौवंश की है, तो यहां 560 गौवंश कैसे पहुंचे? इतनी बड़ी संख्या में गौवंश को रखने की व्यवस्था किस आधार पर की गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है?”
महापौर ने कहा कि क्षमता से अधिक गौवंश होने की स्थिति में चारा-पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित रखरखाव प्रभावित हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं गौठान संचालक को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने तथा गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फुंडहर गौठान से जुड़े रिकॉर्ड में भी सामने आई अनियमितता, जांच के आदेश
निरीक्षण के दौरान फुंडहर गौठान से संबंधित जोन कमिश्नर द्वारा महापौर को जानकारी दी गई कि 1 नवंबर 2025 को 236 गौवंश के साथ फुंडहर गौठान के संचालक को गौवंश सौंपे गए थे, जबकि 30 नवंबर 2025 को मात्र एक माह के भीतर ही रिकॉर्ड में गौवंश की संख्या 465 दर्ज हो गई।जिसमें बक़ायदा संबंधित जोन के कर्मचारियों के दस्तख़त है। महापौर ने कहा कि गौठानों में गौवंश की संख्या से संबंधित रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी और वास्तविक होना चाहिए। रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की विसंगति या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
गौवंश की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता, व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
महापौर ने फुंडहर गौठान की साफ-सफाई, पर्याप्त चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य सुविधा एवं सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। फुंडहर गौठान के संचालक द्वारा भुगतान से संबंधित विषय महापौर के संज्ञान में लाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों के तहत लंबित भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो तथा आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए।
अटारी, गोकुलधाम, गोकुल नगर एवं जरवाय में क्षमता के अनुरूप मिले गौवंश
महापौर ने अटारी, गोकुलधाम गोकुल नगर एवं जरवाय गौठानों का भी निरीक्षण किया। इन गौठानों में गौवंश की संख्या निर्धारित क्षमता के अनुरूप पाई गई और व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि जब अन्य गौठानों में क्षमता के अनुरूप गौवंश रखा जा रहा है, तो फुंडहर गौठान में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक गौवंश पहुंचने की स्थिति कैसे बनी, इसकी पूरी जांच आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक गौठान से दूसरे गौठान में गौवंश के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखा जाए तथा संबंधित जोन अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें, ताकि किसी एक गौठान पर क्षमता से अधिक भार न पड़े।
हर गौठान का नियमित निरीक्षण करें जोन अधिकारी
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने संबंधित जोन अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गौठानों का नियमित रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। गौवंश के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए पशु चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा चारा-पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य एवं रखरखाव की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा
“गौवंश की सुरक्षा और सेवा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। गौठानों की व्यवस्था केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। जब गौठान की क्षमता निर्धारित है, तो उससे अधिक गौवंश वहां कैसे पहुंचे, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर कराएं।” उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौठानों के रखरखाव, गौवंश की देखभाल अथवा रिकॉर्ड संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रत्येक गौठान में गौवंश के लिए पर्याप्त चारा-पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधा एवं सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता है।
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