Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में प्रेम विवाह से नाराज होकर युवक की हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी हेम कुमार साहू को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने पारिवारिक रिश्तेदारी में प्रेम विवाह करने से नाराज होकर ओमप्रकाश रात्रे उर्फ गोला की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। अदालत ने आर्म्स एक्ट की दो धाराओं के तहत भी दोषी को एक वर्ष और तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
प्रेम विवाह को लेकर आरोपी के मन में थी रंजिश
पुलिस के अनुसार, मृतक ओमप्रकाश रात्रे उर्फ गोला ने आरोपी हेम कुमार साहू के बड़े पिताजी की बेटी से प्रेम विवाह किया था। इसी बात को लेकर हेम कुमार उससे नाराज था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के मन में प्रेम विवाह को लेकर पहले से रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते उसने ओमप्रकाश की हत्या की वारदात को अंजाम दिया। यह मामला 1 नवंबर 2024 की रात का है। ओमप्रकाश रात करीब 10 बजे मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा।
घर नहीं लौटा बेटा तो पिता ने शुरू की तलाश
ओमप्रकाश के घर नहीं लौटने पर उसके पिता जतिराम रात्रे परेशान हो गए। अगले दिन 2 नवंबर की सुबह वह बेटे की तलाश करते हुए गांव के बसंत होटल पहुंचे। होटल के पास ओमप्रकाश की मोटरसाइकिल खड़ी मिली। इसके बाद पिता ने आसपास मौजूद लोगों से बेटे के संबंध में पूछताछ शुरू की। इस दौरान राजेश धीवर ने बताया कि ओमप्रकाश, हेम कुमार साहू के साथ गया था। राजेश के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे ओमप्रकाश ने फोन कर बताया था कि वह हेम कुमार के साथ खा-पी रहा है। इस जानकारी के बाद परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए।
नाले के पास खून से लथपथ मिला शव
तलाश के दौरान अनिल धीवर ने जतिराम रात्रे को बताया कि ओमप्रकाश का शव नेवरा के महामाया पारा स्थित खमार कुआं नाले के पास पड़ा है। सूचना मिलते ही पिता घटनास्थल पहुंचे, जहां बेटे का शव मिला। मृतक के चेहरे, सिर, कान, गले, हाथ और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान थे। उसके कपड़ों पर भी खून लगा हुआ था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि, पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डॉक्टर की रिपोर्ट में मृत्यु को हत्या बताया गया। इसके बाद पुलिस ने हेम कुमार साहू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, रक्त के नमूने, पेड़ों के पत्ते और एक काले रंग की महिला की चप्पल जब्त की। इसके अलावा मृतक के कपड़े भी जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया बटनदार चाकू और घटना के समय पहने हुए कपड़े बरामद किए गए। सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को परीक्षण के लिए रायपुर स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया था।
3 नवंबर को गिरफ्तार हुआ था आरोपी
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी हेम कुमार साहू को 3 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया था। वह नेवरा के वार्ड क्रमांक 7 का निवासी है। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पंचम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार की अदालत ने हेम कुमार साहू को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की दो धाराओं में क्रमशः एक वर्ष और तीन वर्ष की सजा भी सुनाई गई है। अदालत के आदेश के अनुसार, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस फैसले के साथ नवंबर 2024 में हुई ओमप्रकाश रात्रे की हत्या के मामले में न्यायिक निर्णय सामने आ गया है।