Raipur. रायपुर। नकबजनी के एक प्रकरण में थाना कबीर नगर पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। इस मामले में बालक के विरुद्ध थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 245/2025, धारा 331(1) और 305(A) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस ने बालक के कब्जे से चोरी की नगदी रकम 37,500 रुपए बरामद की है। घटना की जानकारी प्रार्थीया देवकुंवर मरावी, निवासी अटल आवास, कबीर नगर, रायपुर ने दी। प्रार्थीया ने बताया कि दिनांक 25 नवंबर 2025 को सुबह लगभग 8 बजे वह अपने काम पर गई थी। शाम करीब 5 बजे कार्यालय से लौटकर घर पहुंची और घर का दरवाजा खोलकर अंदर गई। वह बीसी का पैसा जमा करने के लिए आलमारी खोल रही थी, लेकिन आलमारी नहीं खुली।
इसके बाद प्रार्थीया ने पड़ोसी की मदद से आलमारी खोली और लॉकर का निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि सोने की पत्ती 6 नग, सोने के गेहूं के दाने 2 नग (कुल लगभग 5 ग्राम, मूल्य 30,000 रुपए) और नगदी 40,000 रुपए चोरी हो चुके थे। कुल चोरी कीमती लगभग 70,000 रुपए थी। प्रार्थीया की रिपोर्ट पर थाना कबीर नगर में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी कबीर नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण, प्रार्थीया और आसपास के लोगों से विस्तृत पूछताछ की। टीम ने आसपास लगे CCTV कैमरों का फुटेज अवलोकन किया और मुखबीरों के माध्यम से अज्ञात आरोपी की पहचान की कोशिश की। पुलिस ने इस दौरान चोरी में शामिल विधि से संघर्षरत बालक की पहचान कर उसे तलब किया।
पूछताछ में बालक ने चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने बालक के घर से चोरी की नगदी 37,500 रुपए बरामद की। गिरफ्तारी के बाद बालक को माननीय किशोर न्याय बोर्ड, माना रायपुर में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि किशोर न्याय बोर्ड के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की गई और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बालक को हिरासत में लिया गया। उन्होंने जनता से अपील की कि घरों में रखी नगदी और कीमती सामान की सुरक्षा रखें। इस मामले में पुलिस टीम की तत्परता और CCTV फुटेज की जांच अपराधियों की शीघ्र पहचान में सहायक साबित हुई। चोरी की घटनाओं में किशोरों का शामिल होना चिंता का विषय है, और पुलिस ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। प्राथमिक पूछताछ और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने सुनिश्चित किया कि चोरी की रकम और अन्य माल सुरक्षित रूप से प्रार्थीया को लौटाया जाए। यह घटना रायपुर शहर में चोरी और सुरक्षा की जिम्मेदारियों पर एक चेतावनी बनकर सामने आई है।