Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के तबादले किए हैं। इस संबंध में विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है, जिसमें कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी आदेश के अनुसार एम. जी. सतीश कुमार को रायपुर जिले का जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नियुक्त किया गया है। वहीं बीएल देवांगन, जो वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें महासमुंद जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है।
इसी तरह रायपुर के प्रभारी डीईओ हिमांशु भारतीय को नवा रायपुर स्थित लोक शिक्षण संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। यह बदलाव प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। बिलासपुर जिले में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। यहां प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार तांडे को सक्ती जिले में भेजा गया है, जबकि रामेश्वर जायसवाल को बिलासपुर का नया जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है।
अन्य जिलों में भी अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। संदीप शर्मा को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का प्रभारी डीईओ नियुक्त किया गया है, जबकि श्यामानंद साहू को रायगढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में राजेश चंद्राकर को गरियाबंद, मधुलिका तिवारी को धमतरी और अभय जायसवाल को बेमेतरा जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। बीजापुर जिले में भी बदलाव करते हुए राजेश कुमार पांडेय को नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं महेंद्र नाथ पांडे को नारायणपुर जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार यह तबादला प्रशासनिक आवश्यकताओं और कार्य कुशलता को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि जिलों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार इस बड़े स्तर के फेरबदल से कई जिलों में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाना है। यह तबादला आदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य में शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने और स्कूलों में प्रशासनिक सुधार पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि नए अधिकारियों की पदस्थापना से जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।