धान खरीदी से पहले कलेक्टर का बड़ा आदेश, बिना GPS वाले वाहनों से नहीं होगा परिवहन
कांकेर न्यूज
कांकेर : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर बस्तर कांकेर जिले में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। 10 नवंबर से किसानों के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होगी। इस बार धान के परिवहन में जीपीएस तकनीक और खरीदी केंद्रों की निगरानी के लिए आधुनिक कैमरों का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने 3 नवंबर को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीदी व्यवस्था में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
एक सप्ताह में नियुक्त होंगे नोडल अधिकारी और ऑपरेटर
कलेक्टर ने सभी धान खरीदी केंद्रों में एक सप्ताह के भीतर नोडल अधिकारी, केंद्र प्रभारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ खाद्य निरीक्षकों और सहकारिता निरीक्षकों का आवश्यकतानुसार स्थानांतरण करने को भी कहा। संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों में लंबे समय से कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को दूसरे केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा सहकारिता निरीक्षकों को अपने क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कहा गया है। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, मंडी, नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
10 नवंबर से मिलेगा टोकन, 15 नवंबर से धान खरीदी
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को 10 नवंबर 2026 से टोकन जारी किए जाएंगे। धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक संचालित करने की जानकारी दी गई है। धान की व्यवस्थित खरीदी के लिए किसानों को उनके कृषि रकबे के आधार पर टोकन दिए जाएंगे। दो एकड़ तक रकबा रखने वाले किसानों को एक टोकन। दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक रकबा रखने वाले किसानों को दो टोकन। 10 एकड़ से अधिक रकबा रखने वाले किसानों को तीन टोकन। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को अलग-अलग निर्धारित तिथियों पर धान विक्रय की सुविधा देना और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना है। खरीदी प्रक्रिया में किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू रहेगी। किसान स्वयं या उसके द्वारा अधिकृत परिवार का सदस्य निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए धान बेच सकेगा।
बिना GPS वाले वाहनों से नहीं होगा धान का परिवहन
धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि धान के अधिकृत परिवहन और उठाव में बिना जीपीएस लगे वाहनों का उपयोग नहीं किया जाएगा। जीपीएस व्यवस्था के माध्यम से परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों की गतिविधियों और आवाजाही पर निगरानी रखी जा सकेगी। इससे धान के उठाव और परिवहन में संभावित अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। कलेक्टर ने सभी सहकारिता निरीक्षकों को अपने क्षेत्र के खरीदी केंद्रों में निर्धारित तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
खरीदी केंद्रों पर लगेंगे मोशन सेंसर वाले कैमरे
जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में आईपी आधारित कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कैमरों में मोशन डिटेक्शन सेंसर की सुविधा रहेगी। इस तकनीक की मदद से खरीदी केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। प्रशासन का उद्देश्य धान के आवक-जावक, भंडारण और अन्य गतिविधियों की निगरानी मजबूत करना है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
व्यापारियों और राइस मिलर्स के स्टॉक की होगी जांच
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में धान के फुटकर एवं थोक व्यापारियों की बैठक लेने के निर्देश दिए हैं। इन बैठकों में व्यापारियों को शासन की धान खरीदी नीति और संबंधित नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही राइस मिलर्स के स्टॉक का सत्यापन करने को भी कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के वास्तविक कृषि रकबे और उपज के आधार पर ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को धान खरीदी व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा।
किसानों की शिकायतों के लिए बनेगा कंट्रोल रूम
धान खरीदी के दौरान किसानों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने की भी व्यवस्था की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर किसानों को धान खरीदी नीति, टोकन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। सहकारी समितियों में फ्लेक्स लगाकर खरीदी से संबंधित जरूरी जानकारी का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
किसानों के ATM कार्ड बनवाने के निर्देश
कलेक्टर ने सहकारी बैंक प्रबंधकों को किसानों के एटीएम कार्ड बनवाने के निर्देश दिए, ताकि धान बिक्री के बाद बैंक खातों में प्राप्त राशि का किसान आसानी से आहरण कर सकें। इसके अलावा नए स्वीकृत खरीदी केंद्रों में चबूतरा निर्माण के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा गया है। इसका उद्देश्य खरीदी शुरू होने से पहले जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बैठक में एसडीएम भानुप्रतापपुर अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, भागवत जायसवाल और जी.डी. वाहिले सहित जिले के राजस्व, खाद्य, कृषि, सहकारिता और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को दोहराया कि किसानों को धान बेचने के दौरान परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और खरीदी शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करें।