Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने छह थाना क्षेत्रों और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग 5 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के लालच में अपने और दूसरे व्यक्तियों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

छह थाना क्षेत्रों में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2026 को दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में नेवई, पुरानी भिलाई, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर, सुपेला और खुर्सीपार थाना पुलिस के साथ एसीसीयू की टीम शामिल रही। पुलिस ने बैंक खातों के विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

5 से 15 हजार रुपए के कमीशन पर देते थे बैंक खाते
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते और उनसे संबंधित दस्तावेज अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें 5 हजार से 15 हजार रुपए तक का कमीशन मिलने की बात सामने आई है। आरोपियों द्वारा बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए करते थे।

लाखों रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को संबंधित बैंक खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती थी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य कथित तौर पर ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत और उसके इस्तेमाल को छिपाना था। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इनके माध्यम से अपराध से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जटिल बनाया जाता है।

नेवई थाना क्षेत्र से चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने नेवई थाना क्षेत्र में चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेक्षित कामड़े (28 वर्ष), सत्यवान नायक (21 वर्ष), रैय्या माधव राव (48 वर्ष) और रमेश कुमार कुर्रे (55 वर्ष) शामिल हैं। इस मामले में थाना नेवई में अपराध क्रमांक 306/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) में मामला दर्ज किया गया है।

पुरानी भिलाई से तीन, अन्य क्षेत्रों से छह गिरफ्तार
पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में विनोद कश्यप (36 वर्ष), भावेश उइके (27 वर्ष) और ऋषभ यादव (22 वर्ष) के खिलाफ कार्रवाई की गई।
भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र से कुलेश्वर ठाकुर (36 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
भिलाई नगर थाना क्षेत्र में गगनदीप सिंह (25 वर्ष) और अनिश अग्रवाल (22 वर्ष) को पकड़ा गया।
वहीं, सुपेला थाना क्षेत्र में आनंद शंकर (42 वर्ष) और नितिन वालेचा (31 वर्ष) के खिलाफ कार्रवाई हुई।
खुर्सीपार थाना क्षेत्र से हिमांशु गोडांने उर्फ कालू (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, वह इंडियन बैंक का एजेंट है।

बैंक दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त
पुलिस ने आरोपियों से संबंधित बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित खातों का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में किया गया और ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंचाई गई।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बैंक खातों का साइबर अपराध में इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
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