Dhamtari. धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महानदी तट स्थित ग्राम नहरडीही में अवैध रेत खनन की शिकायत मिलने पर खनिज विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। 29 तारीख को खनिज अमले ने नहरडीही और आसपास के क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया, जिसमें अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान ग्राम नहरडीही और कठोली क्षेत्र में अवैध रूप से रेत उत्खनन करते हुए एक चौनमाउंटेन मशीन को मौके पर ही जब्त किया गया। यह मशीन रेत खनन में उपयोग की जा रही थी और बिना किसी वैध अनुमति के काम कर रही थी। अधिकारियों ने मौके पर मशीन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही संबंधित पक्षों पर अर्थदंड भी लगाया जाएगा।
खनिज विभाग के अनुसार, जिले में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति के रेत का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना एक गंभीर अपराध है। प्रशासन ने आम नागरिकों को भी चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह अवैध रूप से रेत का खनन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए लगातार निरीक्षण और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है, खासकर महानदी और अन्य नदी तटों के आसपास जहां अवैध खनन की संभावना अधिक रहती है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध रेत खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण और नदी तंत्र को भी गंभीर क्षति पहुंचती है। इससे नदी के बहाव और पारिस्थितिकी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस कार्रवाई के बाद अवैध रेत खनन में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी क्षेत्रों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। खनिज विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके।