रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भ्रष्टाचार के मामलों में शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के प्रमुख जिलों—रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव में ED और EOW की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई बड़े ठिकानों पर दबिश दी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
रायपुर में 3 से 4 प्रमुख ठिकानों पर ED की घेराबंदी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर में 3 से 4 बड़े ठिकानों को ED की टीमों ने तड़के ही घेर लिया। अधिकारियों द्वारा वित्तीय लेन-देन, जायदाद और डिजिटल डिवाइस से जुड़े दस्तावेजों को गहनता से खंगाला जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदेहास्पद ट्रांजेक्शन के साक्ष्य जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं।
CGMSC और कोल घोटाले से जुड़े हैं तार
जांच एजेंसियों के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह पूरी संयुक्त कार्रवाई CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन) और कोल लेवी (Coal Scam) मामले से जुड़ी हुई है। दोनों ही एजेंसियां (ED और EOW) अलग-अलग एंगल से मनी ट्रेल और भ्रष्टाचार के लिंक तलाश रही हैं। माना जा रहा है कि दस्तावेजों की जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद प्रदेश के कई बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और कारोबारियों के नाम इस जांच के दायरे में आ सकते हैं। फिलहाल सभी ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।
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