Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा ने सरकारी कामकाज में गंभीर लापरवाही, लगातार अनुपस्थिति और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के मामलों में तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हलचल मच गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि
शासकीय दायित्वों
के निर्वहन में उदासीनता और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत तीनों पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इनमें पटवारी जोगी रवि कुजूर, कमलेश तंवर और प्रभात कुमार खरे शामिल हैं। तीनों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में शासकीय कार्यों से अनुपस्थित रहने और विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने की शिकायतें सामने आई थीं।

पटवारी जोगी रवि कुजूर पर कार्रवाई
पटवारी हल्का नंबर 03 के अतिरिक्त प्रभार पेंड्रा में पदस्थ जोगी रवि कुजूर के खिलाफ कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के मामले में कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, उन्हें अपने कर्तव्य पर वापस लौटने के संबंध में नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने न तो नोटिस का संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया और न ही निर्धारित समय पर कार्य पर वापस लौटे। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार पेंड्रा ने कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पेंड्रा रोड के अनुमोदन पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पेंड्रा निर्धारित किया गया है।

कमलेश तंवर पर भी गिरी गाज
दूसरी कार्रवाई मरवाही तहसील के पटवारी हल्का नंबर 32, कटरा में पदस्थ कमलेश तंवर के खिलाफ की गई है। उन पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लगातार गंभीर लापरवाही बरतने और शासकीय कार्यों से अनुपस्थित रहने के आरोप हैं। विभागीय स्तर पर उन्हें कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। लगातार सामने आ रही लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने उनके खिलाफ निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है।

बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई
तीसरी कार्रवाई तहसील कार्यालय मरवाही में संलग्न पटवारी प्रभात कुमार खरे के खिलाफ की गई है। उन पर शासकीय कार्यों से अनुपस्थित रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने और बिना अनुमति निर्धारित मुख्यालय एवं कार्यालय से अनुपस्थित रहने के आरोप हैं। प्रशासन ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रभात कुमार खरे का मुख्यालय भी तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है।

निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबित किए गए तीनों पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। निलंबन अवधि के लिए तीनों कर्मचारियों के मुख्यालय भी निर्धारित कर दिए गए हैं। राजस्व विभाग में पटवारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। भूमि अभिलेखों का संधारण, राजस्व संबंधी कार्यों में सहयोग और ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में उनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका रहती है। तीन पटवारियों के खिलाफ एक साथ हुई इस कार्रवाई को जिले में प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकारी कर्मचारियों से अपने निर्धारित दायित्वों का नियमित और जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा की जाती है।
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