Pithora. पिथौरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण शासकीय और राजस्व कार्यों में घोर लापरवाही बरतने तथा विभागीय योजनाओं में संतोषजनक प्रगति न लाने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के कड़े निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने हड़ताल में शामिल जिले के 5 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से राजस्व विभाग और पटवारी संघ में भारी हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में किसानों से जुड़े दैनिक राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे, नामांतरण, बंटवारा, भू-अभिलेख अद्यतनीकरण के साथ-साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS), पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े पीवी सत्यापन तथा पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में लगातार लेटलतीफी और लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं। समीक्षा बैठकों में संबंधित पटवारियों के प्रभार वाले हल्कों में कार्य की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। इसके साथ ही हड़ताल पर रहने के कारण शासकीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर विनय लंगेह के आदेश पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) ने तुरंत संज्ञान लिया और दोषी पटवारियों के खिलाफ निलंबन के पृथक-पृथक आदेश जारी कर दिए। जारी निलंबन आदेश के अनुसार, बागबाहरा तहसील के अंतर्गत पदस्थ तीन पटवारियों—भंगी राम ध्रुव, कमलेश डहरे और नीरज कुमार वर्मा को दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त, बसना अनुविभाग से पटवारी तिलक राम चौधरी और सरायपाली अनुविभाग से महिला पटवारी दमयंती नायक के विरुद्ध भी निलंबन की दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
प्रशासन द्वारा पांचों पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए संबंधित तहसील व अनुभाग कार्यालयों में संलग्न कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान सभी संबंधितों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) की पात्रता होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि किसानों तथा आम नागरिकों के राजस्व संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर इसी तरह की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।